कानपुर, जागरण संवाददाता। शहर को भारी वाहनों के जाम से बचाने और चारों ओर से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने की महत्वाकांक्षी आउटर रिंंगरोड योजना के काम ने तेजी पकड़ी है। पैकेज वन में मंधना से सचेंडी के बीच अगले वर्ष जून से निर्माण का काम शुरू हो सकता है।

वर्ष 2025 तक रिंगरोड का काम पूरा होने के बाद शहरी क्षेत्र में लोगों को यातायात समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। इसको लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने मुआवजा वितरण के लिए तैयारी शुरू कर दी है और नवंबर से मार्च के बीच वितर का काम पूरा करने की मंशा है।

दिनों दिन बढ़ती जा रही वाहनों की भीड़ के बीच शहर में भारी वाहनों के प्रवेश से समस्या और विकराल हो जाती है। खास तौर पर जीटी रोड का काफी हिस्सा शहरी आबादी के बीच से होकर गुजरता है। इसकी वजह से दिन भर यातायात रेंगता है। इस समस्या के स्थायी निदान के लिए ही वर्ष 2014 में आउटर रिंगरोड की योजना तैयार की गई थी।

93 किमी की इस योजना में भारी वाहनों को बाहर ही बाहर गुजारने और जीटी रोड, नेशनल हाईवे को जोड़ने की कार्ययोजना तैयार की गई थी। योजना में बीते एक वर्ष में मंडलायुक्त डा. राजशेखर की पहल के बाद काम तेज हुआ है। योजना में पैकेज वन की जमीन के लिए थ्री डी (भूमि सरकार के अधीन होना) के बाद अब मुआवजा वितरण कार्रवाई शुरू की गई है।

इस पैकेज में अगले वर्ष जून से मंधना से सचेंडी तक 23.5 किमी क्षेत्र में रिंगरोड निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। इसी के साथ अन्य क्षेत्रों में भी काम शुरू किया जा सकता है क्योंकि थ्री ए (भूमि अधिग्रहण की सूचना) की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। थ्री ए अवार्ड होने के बाद जमीन की खरीद बिक्री नहीं की जा सकती है। अगले दो वर्षों में भारी वाहनों का दबाव काफी कम होने से यातायात सुगम हो जाएगा।

एनएचएआइ के परियोजना निदेशक कन्नौज प्रशांत दुबे ने बताया कि कोशिश रहेगी कि योजना को 2025 तक हकीकत का धरातल दे दिया जाए। चार पैकेज की इस योजना में मंधना से सचेंडी के बीच अगले वर्ष काम शुरू होगा, इसके साथ ही अन्य जगह भी काम शुरू किया जा सकता है।

इस योजना से शहर के अंदर यातायात बेहद सुगम होगा। उच्च स्तरीय संयुक्त विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव कहते हैं कि यह महत्वाकांक्षी योजना शहर के लिए वरदान साबित होने वाली है। इससे शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होगी।

आउटर रिंग रोड योजना का स्वरूप

-कानपुर नगर में लंबाई: 62 किमी

-उन्नाव में कुल लंबाई: 27 किमी

-कानपुर देहात में लंबाई: 04 किमी

23.5 किलोमीटर है मंधना-सचेंडी के बीच का हिस्सा

560 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।

इतनी होगी लागत

-निर्माण लागत: 4778.69

-भूमि अधिग्रहण खर्च: 3605

-यूटिलिटी शिफ्टिंग खर्च: 191.14

-अन्य व्यय: 907.95

-कुल लागत: 9482.79

(लागत करोड़ रुपये में)

Edited By: Abhishek Agnihotri

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