कानपुर, जागरण संवाददाता। नाइजीरियन शुगर इंस्टीट्यूट के चार शिक्षकों ने एक वर्ष के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआइ) से प्रशिक्षण पूरा कर लिया। शनिवार को उन्होंने निदेशक प्रो. नरेन्द्र मोहन से प्रमाणपत्र हासिल करके संस्थान से विदा ली। अब जल्द एनएसआइ की टीम भी नाइजीरिया के शुगर मास्टर प्लान का आडिट करने के लिए नाइजीरिया जाएगी।

निदेशक ने बताया कि नाइजीरिया अपनी जरूरत की मात्र तीन फीसद चीनी उत्पादन करता है और प्रति वर्ष 16 लाख टन चीनी आयात करता है। एनएसआइ के सहयोग से नाइजीरिया में चीनी उद्योग के विस्तार के लिए शुगर इंस्टीट्यूट की स्थापना हुई है। एनएसआइ व नाइजीरिया के शुगर डेवलपमेंट काउंसिल के बीच समझौता हुआ है कि एनएसआइ, नाइजीरिया के शिक्षकों को प्रशिक्षण देगा। इसी के तहत नाइजीरियन शुगर इंस्टीट््यूट के शिक्षक बेल्लो मुजीब, माइकल ओस्सजी, सुलेमान अदेवाले और ओलु वाटोसिंन प्रशिक्षण लेने पिछले वर्ष शहर आए थे। उन्हें शुगर प्रोसेसिंग की विभिन्न तकनीक, बिजली के सहउत्पादन, आटोमेशन, उपकरणों की डिजाइन, ऊर्जा-जल संरक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण व चीनी उत्पादन की सैद्धांतिक व व्यावहारिक जानकारी दी गई। क्लास रूम में पढ़ाया गया और संस्थान की प्रायोगिक चीनी मिल व एक कामर्शियल चीनी मिल में प्रशिक्षण भी दिलाया गया।

निदेशक ने बताया कि नाइजीरिया शुगर डेवलपमेंट काउंसिल ने अपने मास्टर प्लान का आडिट करने के लिए आमंत्रित किया है। कोरोना संक्रमण खत्म होने पर संस्थान का पांच सदस्यीय तकनीकी दल निदेशक के नेतृत्व में नाइजीरिया जाकर वहां चीनी मिलों के विस्तारीकरण की स्थिति देखकर भविष्य के रोड मैप के बारे में रिपोर्ट देगा।

Edited By: Abhishek Agnihotri