कानपुर, जेएनएन। आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में शामिल रहे हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे 72 घंटे बाद भी पुलिस पकड़ से दूर है, जिसे पकड़ने के लिए 900 पुलिस जवानों की साठ टीमें लगाई गई हैं। पुलिस ने मोस्टवांटेड विकास दुबे के पोस्टर टोल प्लाजा पर चस्पा कराए हैं। विकास के साथी दयाशंकर ने पुलिस को वारदात से पहले तीस शॉर्प शूटर बुलाए जाने की जानकारी दी है, वहीं डीजीपी ने मोस्टवांटेड विकास दुबे पर घोषित इनमा की राशि बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारी रोजाना बिकरू गांव पहुंच रहे और घटना में शामिल विकास समेत सभी बदमाशों का आपराधिक इतिहास खंगाल रहे हैं।

Highlights Kanpur Police Encounter News

-मुठभेड़ में शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा द्वारा एसएसपी को लिखे गए पत्र के वायरल होने के बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने तत्कालीन एसएसपी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखकर मांग की है कि घटना की जांच की जाए और प्रकरण में तत्कालीन एसएसपी की भूमिका भी सही नहीं है। क्षेत्राधिकारी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष विनय तिवारी और विकास दुबे को लेकर पूरी जानकारियां एसएसपी को दी थीं लेकिन एसएसपी ने उन सभी को नजरअंदाज कर दिया था।

-शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा द्वारा एसएसपी को भेजा गय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आईजी मोहित अग्रवाल ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा है कि एसएसपी कार्यालय से फाइल तलब की गई है, यदि ऐसा पत्र मिलता है तो प्रकरण की जांच कराई जाएगी। 

-सोमवार की दोपहर आप नेता संजय सिंह ने शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा के घरवालों से मुलाकात की तो उन्हें वायरल हो रहे एक पत्र और ऑडियो दिखाया। सीओ ने एसएसपी को पत्र भेजकर चौबेपुर एसओ की करतूतें उजागर की थीं तथा सीओ, एसएसपी और एसओ के बीच वार्ता के ऑडियो में एसओ के माफी मांगने की जानकारी दी गई हैं।

-आप नेता संजय सिंह ने सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों के शहीद होने की घटना को साजिश करार दिया है और मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के न्यायाधीश से कराई जाए। 

-मोस्टवांटेड बदमाश विकास दुबे पर इनाम की राशि बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दी गई है। डीजीपी ने कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में शामिल मोस्टवांटेड अपराधी विकास दुबे कांड के मुख्य आरोपी पर ढाई लाख का इनाम घोषित कर दिया है।

-पचास हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने विकास दुबे पर ईनाम की राशि बढ़ाकर ढाई लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखते हुए फाइल डीजीपी कार्यालय भेजी थी। 

-बिकरू गांव में सीओ समेत आठ पुलिस जवानों की हत्या में अब तक की जांच में तीन पुलिस वाले मुखबिरी के शक में टारगेट पर थे, प्रथम दृष्टता जांच में ड्यूटी में लापरवाही किए जाने पर थाना चौबेपुर के उपनिरीक्षक कुंवर पाल और कृष्ण कुमार शर्मा तथा सिपाही राजीव को एसएसपी दिनेश कुमार पी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

-सूत्रों के मुताबिक चौबेपुर थाने के 65 पुलिस कर्मियों के साथ ही शिवली, शिवराजपुर व बिल्हौर थाने के 30 पुलिस कर्मियों के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। आइजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि इस प्रकरण में जो भी पुलिस कर्मी घर का भेदी निकलेगा, उसके खिलाफ अपराधियों जैसा बर्ताव किया जाएगा। उनके खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा और उन्हें जेल भेजने में भी संकोच नहीं होगा।

-मोस्टवांटेड एक लाख के इनामी विकास दुबे के पोस्टर जगह जगह चस्पा कराए गए हैं। उन्नाव में पुलिस ने लखनऊ-कानपुर हाईवे पर अजगैन थाना क्षेत्र में टोल प्लाजा के हर बूथ पर इनामी अपराधी विकास दुबे का पोस्टर चस्पा किया गया है। ताकि टोल बूथ पर वाहनों से गुजरने वाले भी उसकी पहचान कर सकें, वहीं टोल बूथों के हर कर्मी को प्रत्येक वाहन में सवार लोगों पर निगाह रखने की सलाह दी गई है। 

-हमले के दौरान बिकरू की बिजली काटने के मामले में नया मोड़ आया है। एसएसपी ने स्वीकार किया है कि कॉल किसी सिपाही ने नहीं बल्कि निलंबित थाना प्रभारी ने ही की थी, हालांकि अभी मामले की जांच चल रही है।  

-मोस्ट वांटेड हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के साथ वारदात में शामिल रहे साथी दयाशंकर अग्निहोत्री उर्फ कल्लू को पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया है कि घटना से चार घंटे पहले थाने से दबिश पड़ने की सूचना मिली थी। इसके बाद विकास ने असलहों से लैस तीस शाॅर्प शूटरों को बुलवाया था।

-मोस्ट वांटेड एक लाख के इनामी हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे को पकड़ने के लिए 60 टीमों में 900 पुलिस जवान लगाए गए हैं। आईजी मोहित अग्रवाल के मुताबिक मंडल स्तर पर पुलिस की 40 टीमों को लगाया गया है, जबकि मुख्यालय स्तर से भी 20 टीमों को मोस्टवांटेड विकास दुबे की तलाश में लगाया गया है। इसमें एसटीएफ की भी छह टीमेंं शामिल हैं। इस सर्च ऑपरेशन में करीब 900 पुलिस वाले प्रदेश और प्रदेश से बाहर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की तलाश कर रहे हैं।

रोशनी में दोबारा हो सकता था हमला

बिजली काटने के मामले में शिवली सबस्टेशन के लाइनमैन छत्रपाल यादव ने गुरुवार रात हुए घटनाक्रम की जानकारी मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि रात 2:15 बजे एक कॉल आई। फोन 8887569297 नंबर से की गई थी। फोन करने वाले ने कहा कि बिकरू में हादसा हो गया है, बिजली काट दो। इसके बाद बिजली काट दी गई। 45 मिनट बाद जब दोबारा लाइन चालू करने का नंबर आया तो ट्रांसमिशन स्तर से बिजली कट गई। इस तरह 3:15 बजे तक फीडर बंद रहा। सूत्रों की ओर से दावा किया गया था कि एसटीएफ को बिजली कटने की जानकारी मिली तो फोन करने वाले की तलाश शुरू हुई। यह नंबर चौबेपुर में तैनात सिपाही अभिषेक यादव का होने का दावा किया गया। मगर, रविवार को एसएसपी ने इस मामले में सफाई दी कि फोन विनय तिवारी की ओर से किया गया था। उन्होंने बिजली इसलिए काटने को कहा था कि क्योंकि प्रकाश में पुलिस वाले साफ दिख रहे थे, जबकि बदमाश छिपे थे। ऐसे में दोबारा हमला हो सकता था। हालांकि इस मामले में जांच अभी चल रही है। 

दयाशंकर की रायफल से बरसाई थी गोलियां

आइजी मोहित अग्रवाल के अनुसार बिकरू कांड में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी दयाशंकर उर्फ कल्लू के नाम दर्ज 315 बोर की लाइसेंसी रायफल से विकास ने पुलिस पर गोलियां चलाई थीं। दयाशंकर ने कबूल किया कि वह भी वारदात में शामिल था। उसने वारदात में शामिल अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं। सभी की तलाश की जा रही है। 

तड़के जा रहा था रिश्तेदार के घर

पुलिस के अनुसार विकास दुबे की तलाश में चल रहे तलाशी अभियान के दौरान रविवार की तड़के 4.40 बजे कल्याणपुर में शिवली रोड से जवाहरपुरम कालोनी की तरफ पैदल जाते हुए व्यक्ति दिखा। संदिग्ध लगने पर आवाज देकर रोकने की कोशिश में वह भागा लेकिन घिरता देखकर पुलिस टीम पर फायङ्क्षरग कर दी। थाना प्रभारी व टीम ने जवाबी कार्रवाई कार्रवाई में गोली चलाई, जो उसके पैर पर लगी। उसके घायल होने के बाद उसे दबोच लिया गया। शिनाख्त में वह दयाशंकर अग्निहोत्री उर्फ कल्लू निकला। बताया कि वारदात के बाद रिश्तेदार के घर शिवली चला गया। वहां दबिश पडऩे पर भागकर कल्याणपुर एक रिश्तेदार के घर आ रहा था। पुलिस ने उसे सीएचसी में भर्ती कराकर प्राथमिक उपचार कराया। 

बाइकों से गांव छोड़ा और कारों से हुए फरार

दयाशंकर ने बताया कि वारदात के बाद विकास, उसके साथी और खुद दयाशंकर घर के पीछे खड़ी बाइकों से शिवली की ओर भागे। विकास और साथी मुख्य मार्ग के बगल में खड़ी आठ कारों में बैठकर फरार हो गए। 

विकास के साथ साये की तरह रहता था कल्लू 

मामा प्रेमकुमार और चचेरा भाई अतुल दुबे ही नहीं दयाशंकर उर्फ कल्लू भी विकास के साथ क्षेत्र में दबंगई करता था। कल्याणपुर थाना प्रभारी अजय सेठ ने बताया कि दयाशंकर के खिलाफ कल्याणपुर थाने में हत्या के प्रयास के दो व एक  मुकदमा आम्र्स एक्ट के तहत दर्ज था। पिछले दिनों चौबेपुर में रिश्तेदार के साथ हुई वारदात में भी विकास के साथ दयाशंकर मौजूद था। उसे भी मुकदमे में नामजद कराया गया था। 

Posted By: Abhishek Agnihotri

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