जागरण संवाददाता, कानपुर : बैंकों में बीमा पालिसी के नाम पर धोखाधड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ग्राहक एफडी कराने पहुंचते हैं लेकिन बैंक और बीमा कंपनियों के कर्मचारी-अधिकारी ग्राहक को सूचना दिए बिना ही उसका बीमा कर देते हैं। ऐसा ही एक और मामला अब पंजाब नेशनल बैंक की रतनलाल नगर शाखा में सामने आया है। यहां बर्रा निवासी 75 वर्षीय राजेन्द्र सिंह के खाते में पड़े तीन लाख रुपये का सावधि जमा की जगह पांच वर्ष का बीमा कर दिया गया।

धोखाधड़ी की जानकारी होने पर उन्होंने बैंक और बीमा कंपनी के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। हर बार अगल-अलग बातें बताकर उन्हें गुमराह किया गया सो अलग। आखिरकार हारकर उन्होंने जिलाधिकारी विशाख जी से गुहार लगाई। अब डीएम के आदेश पर बैंक और बीमा अधिकारियों से पुलिस पूछताछ शुरू हुई है। बर्रा तीन के ईडब्ल्यूएस केडीए मार्केट में रहने वाले राजेन्द्र सिंह ने बताया कि उन्होंने तीन लाख रुपये बहुत मुश्किल से बचाकर रखे थे। इसकी एफडी कराने के लिए 25 सितंबर 2022 को बैंक शाखा पहुंचे।

आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने उस राशि का पीएनबी मेट लाइफ में बीमा करा दिया। घर के पते पर बीमा के कागजात आए तो धोखे की जानकारी हुई। भागकर बैंक पहुंचे तो यह कहकर लौटा दिया कि बैंक कुछ नहीं कर सकता। इस पर वह सिविल लाइंस स्थित बीमा कंपनी के आफिस पहुंचे। यहां बताया गया कि 50 हजार रुपये कट जाएंगे। काफी गुजारिश के बावजूद बात नहीं बनी तो उन्होंने ढाई लाख ही वापस करने पर हामी भर दी।

हालांकि बाद में बीमा कंपनी का स्टाफ फिर मुकर गया और बोला कि डेढ़ लाख से ज्यादा नहीं मिलेगा। राजेन्द्र सिंह के मुताबिक जब वह उस पर भी राजी हो गए तो कहा गया कि कोई धन वापस नहीं मिल पाएगा। साथ ही तीन-तीन लाख की किस्तें हर साल जमा नहीं किया तो पालिसी भी लैप्स हो जाएगी। इससे नाराज राजेन्द्र ने जिलाधिकारी से शिकायत की। आखिरकार जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस ने जांच शुरू की। राजेन्द्र सिंह के मुताबिक उनके रुपये नहीं मिले तो मुख्यमंत्री से भी शिकायत करेंगे।

 बुजुर्ग को तीन लाख के लिए काटने पड़ रहे चक्कर

रतनलाल नगर चौकी प्रभारी शुभम सिंह ने बताया कि राजेन्द्र सिंह की शिकायत जांच के लिए आई है। इस संबंध में पूछताछ की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पंजाब नेशनल बैंक के उप महाप्रबंधक श्याम सुंदर ने बताया कि इस मामले में एक चीफ मैनेजर को लगाया है। वह राजेन्द्र सिंह से मिलेंगे। ब्रांच में बात करेंगे। साथ ही देखेंगे कि मानक का पालन हुआ है या नहीं। गलत तरीके से इसे दिया होगा तो पूरा धन लौटाएंगे।

हर शाखा में एक दर्जन से ज्यादा मामले

गलत तरीके से बीमा पालिसी देने का यह कोई नया मामला नहीं है। हर बैंक शाखा में कहीं 10 तो कहीं 15 ऐसे मामले हैं। दैनिक जागरण में समाचार प्रकाशित होने के बाद लोगों ने पुलिस, प्रशासन तक पहुंचना शुरू किया है, इसलिए अब मामले खुलकर सामने आ रहे हैं। पिछले दिनों एक मामला चकेरी थाने में दर्ज हुआ था। पनकी गंगागंज के वंशलाल गुप्ता के मामले को जागरण ने प्रकाशित किया तो उनके खाते में धन वापस आ गया। उनके अलावा पनकी के ज्ञान सिंह, लक्ष्मीपुरवा के कल्लू, नवाबगंज की गिरजा मिश्रा भी शिकायत कर चुकी हैं लेकिन अब तक उनकी सुनवाई शुरू नहीं हुई है।

बैंकिंग लोकपाल से ऐसे करें शिकायत

ऐसे मामलों की शिकायत बैंकिंग लोकपाल से कर सकते हैं। इसके लिए वेबसाइट www.rbi.org.in पर शिकायत के विकल्प पर जाकर बैंक चुनें। इसके बाद फाइल योर कंप्लेंट के बिंदु पर शिकायत करें।

गैर जमानती है यह अपराध वरिष्ठ अधिवक्ता कौशल किशोर शर्मा बताते हैं कि यह पूरी तरह धोखाधड़ी का मामला है। इस मामले में धारा 420 के तहत रिपोर्ट लिखाई जानी चाहिए। यह गैर जमानती अपराध है और इसमें कम से कम सात साल की सजा है।

Edited By: Nitesh Srivastava

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