कानपुर, जागरण संवाददाता। कमिश्नरेट में अपराध नियंत्रण के अलावा दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा महानगर की बदहाल यातायात व्यवस्था है। पिछले सवा साल में यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए तमाम कोशिशें हुईं लेकिन अब तक कोई विशेष सफलता नहीं मिली।

ऐसे में नवागत पुलिस आयुक्त बीपी जोगदण्ड ने नया मास्टर प्लान बनाने का निर्देश दिया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त के निर्देशन में यह प्लान बनाया जा रहा है। इसमें पहला मकसद शहर से अतिक्रमण को दूर करना और चौराहों व प्रमुख सड़कों व बाजारों में लगने वाले जाम से निजात दिलाना है।

इस तरह आने वाले दिनों में कमिश्नरेट पुलिस अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चला सकती है। पुलिस महानगर में व्यवस्थित वाहन स्टैंड की व्यवस्था पर भी काम करने जा रही है। इसके अंतर्गत प्रमुख 5 मुख्य बिंदुओं पर कार्य किया जा रहा है।

यातायात सुधार के पांच सूत्र

सर्वे

सर्वे के माध्यम से यह जानने की कोशिश की जाएगी कि शहर के किस भाग में यातायात को लेकर कैसी समस्या है। उस समस्या का निदान क्या है।

जागरूकता

आम धारणा है कि खराब यातायात के लिए बड़ा कारण ट्रैफिक सेंस (यातायात नियमों की जानकारी) की कमी है। ट्रैफिक सेंस बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों व आम लोगों को जागरूक किया जाएगा।

संलिप्तता

कोई भी अभियान बिना संलिप्तता के पूरा नहीं होता। ऐसे में यातायात सुधार के लिए किए जाने वाले अभियान में समाज के सभी वर्गों को जोड़ने की योजना है।

व्यवस्था लागू कराना

यातायात सुधार के कई अभियान चले, कई बातें हुईं, लेकिन हर बार प्लान अधर में रह गया। इस बार की योजना है कि जो भी व्यवस्था बने वह 100 फीसद लागू हो।

पर्यवेक्षण

यातायात सुधार कार्याकमों में सुधार के लिए पर्यवेक्षण को भी महत्वपूर्ण अंग माना गया है। इसके लिए हर बिंदु पर पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी देने की भी योजना है।

योजना के प्रमुख बिंदु

- सामाजिक संगठनों के सहयोग से हैंड शेक कैंपेन की शुरुआत करना।

- स्मार्ट ट्रैफिक अवेयरनेस क्लब की स्थापना। विद्यालयों एवं शहर के युवाओं, महिलाओं को सम्मिलित करते हुए।

- माडल चौराहा एवं माडल मार्केट की अवधारणा।

- सिविल डिफेंस, एनजीओ, एनएसएस, एनसीसी, स्काउट, मार्केट एसोसिएशन से यातायात मित्र बनाना।

- ब्लैक स्पाट पर विशेष फोकस।

- यातायात पुलिस एवं होमगार्ड को प्रभावी यातायात बनाने की ट्रेनिंग।

- यातायात पुलिस द्वारा चौराहों पर फर्स्ट एड की सुविधा।

- नगर निगम के सहयोग से फेरी नीति बनाते हुए यातायात को सुदृढ़ करना।

- संकेतांकों के माध्यम से रेलवे क्रासिंग से पहले ही रोड डायवर्जन का पालन करवाना।

- सिटीजन यातायात चार्टर बनाना। 

Edited By: Abhishek Verma