घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को झटका! नए कनेक्शन पर जारी रहेगी रोक, छोटू सिलिंडर भी पड़ रहा महंगा
ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण नए घरेलू एलपीजी कनेक्शनों पर लगा प्रतिबंध जारी रहेगा, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं। वैकल्पिक छोटे सिलिंडर ...और पढ़ें

HighLights
नए घरेलू एलपीजी कनेक्शनों पर रोक छह महीने से जारी।
ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण आपूर्ति संकट मुख्य वजह।
छोटे, पारदर्शी सिलिंडर व्यावसायिक दरों पर, आम जनता की पहुंच से बाहर।
अमन तिवारी, कानपुर। नया घरेलू एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। इंडेन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की एजेंसियां पिछले करीब छह महीनों से नए घरेलू गैस कनेक्शन जारी नहीं कर पा रही हैं।
ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण हुए होर्मुज संकट से पैदा हुए एलपीजी आपूर्ति संकट के चलते सरकार ने मार्च से नए कनेक्शनों पर रोक लगा रखी है। नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बाद छह माह से लोग इंतजार कर रहे हैं।
गैस कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार, होर्मुज क्षेत्र में पैदा हुए संकट के बाद एलपीजी की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई थी। अमेरिका से आयातित एलपीजी आपूर्ति मांग के मुकाबले पर्याप्त नहीं है। समुद्री मार्ग से गैस की खेप भारत पहुंचने में 43 से 52 दिन का समय लग रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, सरकार के आदेश पर मौजूदा उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन सीमित उपलब्धता के कारण नए कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। आपूर्ति सामान्य होने पर लंबित आवेदनों पर कार्रवाई की जाएगी।
छोटा सिलिंडर है विकल्प, लेकिन पहुंच से बाहर
गैस कंपनियों ने विकल्प के तौर पर पांच और 10 किग्रा के पारदर्शी एलपीजी सिलिंडर उपलब्ध कराए हैं, जो व्यावसायिक दरों पर दिए जा रहे हैं। इनको लेने के लिए व्यक्ति को निकटतम गैस एजेंसी में आधार कार्ड, पहचान पत्र और निर्धारित धनराशि जमा करनी पड़ेगी। दस किलो के सिलिंडर के लिए 4450 रुपए और पांच किलो के सिलिंडर के लिए 1600 रुपए का दाम निर्धारित किया गया है।
एक बार सिलिंडर लेने के बाद दस किलो वाला दोबारा भरवाने के लिए 1400 रुपए और पांच किलो वाला सिलिंडर दोबारा रिफिल कराने के लिए 767 रुपए का भुगतान करना होगा। जो आम परिवारों की पहुंच से बाहर है। ऐसे में इंतजार करने के अलावा कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं बचा है।
जनपद में गैस कनेक्शनधारकों की स्थिति
| कंपनी | एजेंसियों की संख्या | घरेलू कनेक्शन |
| इंडेन आयल | 56 | 7,21,109 |
| बीपीसीएल | 15 | 2,22,530 |
| एचपीसीएल | 19 | 2,06,226 |
| कुल योग | 90 | 11,49,865 |
कनेक्शन के लिए भटक रहे लोगों की जुबानी
पति सेना में तैनात हैं। कानपुर में मायका और ससुराल पक्ष की भी रिश्तेदारियां हैं, इसलिए बच्चों को पढ़ाने के लिए यहां शिफ्ट हुए हैं। चार महीने बीत गए हैं, लेकिन गैस करनेक्शन नहीं मिल पा रहा है। आवेदन करते समय ही एजेंसी से बताया गया था कि अभी रोक है समय लगेगा। रिश्तेदारों से सिलिंडर मांग-मांग कर काम चलाना पड़ रहा है।
-सरोजिनी शुक्ला, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मार्ग।
इधर-उधर करके काम चला रहे
अप्रैल माह में गांव से आकर शहर शिफ्ट हो गए थे। गृहस्थी का एक-एक सामान जुटा लिया लेकिन अभी तक गैस कनेक्शन नहीं ले पाए हैं। इंडक्शन के सहारे काम चलता है और गांव से हर महीने सिलिंडर लाते हैं तो गांव में संकट छाने लगता है। ऐसे में इधर-उधर करके काम चला रहे हैं। पता नहीं कब तक ऐसे हालात बने रहेंगे।
-राजेश्वर कुशवाहा, गुरुदेव चौराहा।
यथावत जारी रहेगी रोक
नए कनेक्शनों पर रोक बीते 10 मार्च से सरकार के आदेश पर लगी है और अग्रिम आदेशों तक यथावत जारी रहेगी। विकल्प के तौर पर कंपनियों ने दस किलो और पांच किलो के पारदर्शी सिलिंडर एजेंसियो में उपलब्ध कराए हैं। इन सिलिंडरों की खासियत यह है कि आप इनमें बाहर से ही देख सकते हैं कि कितनी गैस खर्च हुई और कितनी बची हुई है। नए कनेक्शन सरकार के आदेश जारी करने के बाद ही दिए जाएंगे।
-अंजनी प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी।
