कानपुर, जेएनएन। गुजरात से मेट्रो के कोच रवाना होते ही उन्हें पालीटेक्निक डिपो लाने की तैयारियां स्थानीय स्तर पर तेज हैं। हाईवे के बाद यशोदा नगर, टाटमिल चौराहा से होते हुए उन्हें पालीटेक्निक लाया जाएगा। शहरी क्षेत्र में पूरी सुरक्षा के साथ उन्हें लाया जाए, इसके लिए मेट्रो ने टीमें गठित कर दी हैं जो रूट में आने वाले अवरोधों को दूर करेंगी।

शनिवार को गुजरात से कानपुर की पहली मेट्रो के कोच रवाना कर दिए गए। इन्हें कानपुर आने में 10 से 12 दिन लगेंगे। 30 सितंबर तक इनके कानपुर आने की उम्मीद है। हालांकि ये ट्रेलर किस रूट से आएंगे, यह पहले से तय है, इसके बाद भी शहरी आबादी मेें आने के बाद किसी तरह की कोई समस्या न खड़ी हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर टीमें बना दी गई हैं। भौंती हाईवे से होते हुए ये कोच नौबस्ता की तरफ जाएंगे। नौबस्ता के पास हाईवे पर उतर कर ट्रेलर यशोदा नगर चौराहा से टाटमिल की ओर मुड़ जाएंगे।

टाटमिल से ट्रेलर जीटी रोड पर बाईं ओर मुड़ेंगे और अफीम कोठी चौराहा, जरीब चौकी, गुमटी नंबर पांच, कोकाकोला चौराहा, गोल चौराहा, गुटैया, रावतपुर होते हुए पालीटेक्निक डिपो पहुंचेंगे। इसके लिए एक ओर जहां ट्रैफिक पुलिस से बात हो रही है, वहीं मेट्रो ने अपने कर्मचारियों को भी पूरे रूट पर लगाने की तैयारी कर ली है, खासतौर पर सभी चौराहों पर। गोल चौराहा से डिपो तक जहां भी सड़क खराब होगी, मेट्रो के अधिकारी उसे दुरुस्त करेंगे।

5.5 मीटर ऊंचाई तक कोई समस्या नहीं

मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक 5.5 मीटर ऊंचाई तक के ट्रेलर में कोई समस्या नहीं है। इसके अलावा सामान्य तौर पर मेट्रो डिपो में आने वाले ट्रेलर 27 मीटर के होते हैं और मेट्रो का कोच 23 मीटर का है। इसलिए इसे लाने में कोई समस्या नहीं होगी।

15 नवंबर को दो वर्ष पूरा होने पर ट्रायल रन

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक कुमार केशव के मुताबिक 15 नवंबर 2019 को कानपुर में मेट्रो का कार्य शुरू हुआ था। इसलिए 15 नवंबर 2021 को ट्रायल रन कराने का प्रयास है। इसके अलावा जनवरी 2022 में यात्रियों के लिए मेट्रो चलाई जाएगी।

Edited By: Abhishek Agnihotri