कानपुर, [जागरण स्पेशल]। दिन रात भाग-दौड़ में व्यस्त रहने वाले जनप्रतिनिधियों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। कोई किताबें पढ़ रहा है, तो कोई बच्चों के साथ कैरम खेल रहा है। कोई प}ी का हाथ बंटा रहा है तो कोई क्यारी संवार रहा है। आइए जानते हैं कैसे बीत रहा है इनका वक्त..

बरसों बाद सब्जी बनाई

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री नीलिमा कटियार कहती हैं कि दिन के कुछ घंटे फोन पर ही जनता के काम में लग रहे हैं, लेकिन 20 वर्षो बाद ढंग से परिवार को समय दे पा रही हूं। यह पहली बार हुआ कि सुबह चाय से रात डिनर तक हम सभी साथ थे। बरसों बाद सब्जी बनाई।

घर की सफाई में जुटा रहा

गोविंदनगर विधायक सुरेंद्र मैथानी कहते हैं कि तीस वर्ष के राजनीतिक जीवन में वे परिवार से बिल्कुल कट सा गए थे, लेकिन बुधवार को उन्होंने बेटी स्वप्निल और बेटे शशांक के साथ चेस खेला। दिन की शुरुआत पूजा से ही हुई इसके बाद पत्नी वंदना मैथानी का रसोई में भी हाथ बंटाया।

बच्चे को हिंदी सिखा रहीं महापौर

महापौर प्रमिला पांडेय कहती हैं कि वे सुबह नवरात्र की पूजा के बाद रोज कुछ घंटे शहर में सफाई और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था देखने निकल रही हूं। घर में बच्चों की हिंदी सुधार रही हूं। उन्हें तुलसी और सूरदास के साथ भारतीय परंपरा के बारे में बताती हूं। कहानियां भी सुनाती हूं।

पढ़ते है देश दुनिया की खबरें

औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना समाचार पत्रों में देश दुनिया की खबरों को पढ़ने के साथ टीवी पर न्यूज देखते हैं। उन्होंने कहा कि समाचार पत्र कोरोना वायरस से पूरी तरह सुरक्षित है, इस पढ़ने में कोई गुरेज नहीं है। पूरी सेनेटाइज करके समाचार पत्र हमारे पास पहुंचता है। रोज समाचार पत्र पढ़ने से देश दुनिया की खबरों और घटनाओं की जानकारी के साथ जागरूक रहेंगे।

बच्चों को पढ़ाया और योगा भी किया

राज्यसभा सदस्य चौधरी सुखराम सिंह बच्चों को पढ़ाते हैं। जयप्रकाश नारायण और लोहिया जी से जुड़ी पुस्तकों को फिर पढ़ रहा हूं। सुबह योग और प्राणायाम करता हूं। बच्चे भी बहुत खुश हैं।

बच्चों के साथ खेला कैरम और लूडो

सांसद देवेंद्र सिंह भोले को याद भी नहीं कि कब उन्होंने फुरसत में बैठकर परिवार के साथ गपशप की थी। बेहद जरूरी काम के अलावा घर से नहीं निकल रहे। बुधवार को नाती देवांश और नातिन पिनाकी के साथ काफी देर तक लूडो और कैरम खेला। बाकी पूजा और व्यायाम आदि किया। इसके बाद क्यारी भी संवारी।

आत्मकथा पढ़ रहा हूं

सांसद सत्यदेव पचौरी बापू की आत्मकथा पढ़ रहे हैं। अखबार को समय देते हैं। बच्चों के साथ खेलते हैं उन्हें अपने अनुभव से दुनियादारी की तमाम बातें बताते हैं।

बच्चों को पढ़ाकर बिता रहा हूं ये वक्त

विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक अध्यापन के पेशे से हैं। ऐसे में लॉकडाउन के समय का सदुपयोग भी वे इसी काम में कर रहे हैं। पूरा वक्त मिलने के कारण वे आजकल बच्चों की पड़ाई पर दे रहे हैं। कहते हैं कि पढ़ाई से बच्चे भी व्यस्त रहते हैं और घर से बाहर जाने की जिद नहीं करते और उनका समय भी बीतता है। इसके अलावा एलबम देखकर वे पुराने समय की यादें भी ताजा कर रहे हैं।

Posted By: Abhishek

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