कानपुर, जेएनएन। लॉकडाउन में मिली छूट के बाद वैसे तो रविवार को सभी दुकानें बंद रहने का नियम पहले से ही तय था लेकिन 55 घंटे के लाॅकडाउन में पूर्व की तरह आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहने की छूट थी। इसके बावजूद रविवार को दूसरे दिन किराना दुकानों तक के शटर नहीं खुले तो अन्य दुकानें में बंदी रही। आलम यह रहा कि दूसरे दिन भी शहर की सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। सड़कों पर पुलिस जगह-जगह चेकिंग करती नजर आई और बेवजह घूम रहे लोगों पर कार्रवाई भी की।

55 घंटे के लाॅकडाउन के दूसरे दिन रविवार होने की वजह से वैसे भी सन्नाटा था। सामान्यतौर पर रविवार के दिन किराना, कंफेक्शनरी, मिठाई की दुकानें खुल रही थीं लेकिन लाॅकडाउन के दूसरे दिन ये दुकानें भी बंद रहीं। मेडिकल स्टोर, डाॅक्टरों के क्लीनिक, नर्सिंग होम ही खुले रहे। रविवार होने की वजह से वैसे ही सभी सरकारी कार्यालय व बैंक आदि बंद थे। कुछ स्थानों पर दुकानदार जरूर अपनी दुकानों के आगे बैठे नजर आए लेकिन उनकी दुकानें खोलने की हिम्मत नहीं पड़ी। दुकानें व सरकारी कार्यालय बंद होने की वजह से वैसे भी सड़कों पर लोगों की संख्या कम हो गई थी, ऊपर से पुलिस ने सुबह से ही लोगों को रोक कर पूछताछ शुरू की तो जो लोग घूमते नजर आ रहे थे, उनकी संख्या भी बहुत तेजी से गिरी।

हालांकि पुलिस की यह कड़ाई भी दोपहर एक बजे के आसपास तक काफी कम हो गई। इसके बाद पुलिस चौराहों पर तैनात तो थी लेकिन लोगों को रोकती नजर नहीं आई। थोक बाजारों के कारोबारियों के मुताबिक रविवार के लाॅकडाउन का उनके कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ा क्योंकि उनके बाजार तो पहले से ही रविवार को बंद रहते हैं। फुटकर बाजार की दुकानें भी अनलाॅक के साथ ही रविवार को बंद होती थीं, इसलिए उनके कारोबार पर भी इसका कोई असर नहीं था। वाणिज्य कर विभाग में प्रशासनिक नोडल अधिकारी व उपायुक्त सुरेंद्र सिंह के मुताबिक पांच दिन बाजार खुलने का जो आदेश आया है, उस पर रविवार रात तक आदेश जारी कर दिया जाएगा कि बाजारों को किस तरह खोलना है।

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