'तीन-तीन बेटे, मगर बुढ़ापे का कोई सहारा नहीं...,' यूपी में बुजुर्ग ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
कानपुर में एक दुखद घटना में, तीन बेटों के होते हुए भी बेसहारा महसूस कर रहे 50 वर्षीय गार्ड विमल कुमार ने आत्महत्या कर ली। वह शुक्रवार रात घर से निकले और शनिवार सुबह उनका शव पेड़ पर लटका मिला। दूसरी घटना में, फतेहपुर के विपिन पटेल ने भी ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। पारिवारिक कलह के कारण दोनों व्यक्तियों ने यह कदम उठाया।
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जागरण संवादाता, कानपुर। तीन-तीन बेटे हैं, लेकिन बुढ़ापे का कोई सहारा नहीं है...पता नहीं कैसे जिंदगी कटेगी...धीरे-धीरे बोलते हुए एक गार्ड शुक्रवार रात घर से बाहर निकले। उनकी पत्नी ने पीछे आवाज लगाई, रात में कहां जा रहे हैं। गार्ड ने मुड़कर देखा और बोले, चप्पल नहीं मिल रही है, ढूंढ रहा हूं।
इसके बाद वह घर नहीं लौटे। शनिवार सुबह लोगों ने घर से लगभग 500 मीटर दूर एक बबूल के पेड़ पर फंदे से उनका शव लटका देखा।इसके बाद पनकी थाना पुलिस जांच शुरू की।
रतनपुर फेस-टू शताब्दी नगर निवासी 50 वर्षीय विमल कुमार पत्नी राजकुमारी की साथ रहते थे। वह पनकी सरायंमिता स्थित एक फैक्ट्री में गार्ड थे।
उनका बड़ा बेटा जगदीप लखनऊ के नादरगंज स्थित एक फैक्ट्री में काम करते हैं, जबकि मझला बेटा कोमल पिकअप चालक है और छोटा बेटा आनंद ट्रक क्लीनर है और ज्यादातर बाहर रहता है। जगदीप ने बताया कि पिता को अक्सर लगता था कि उनके तीनों बेटे उनका सहारा नहीं बन पा रहे हैं। वह अक्सर यहीं सोचा करते और बोलते थे।
शुक्रवार को भी यही बोलते हुए घर से निकल गए। मां ने पूछा तो चप्पल ढूंढने का बहाना करके चले गए। रातभर मां और आसपास के लोग उन्हें ढूंढते रहे, लेकि नहीं मिले। शनिवार तउ़के घर से लगभग 500 मीटर दूर एक बाग में बबूल के पेड़ पर फंदे से उनका शव लटका मिला। पनकी थाना प्रभारी मनोज भदौरिया ने बताया कि गार्ड ने आत्महत्या की है। किसी ने कोई आरोप नहीं लगाया है।
युवक ने घर पर बनवाया चिकन, फिर ट्रेन से कटकर दे दी जान
कानपुर: मूलरूप से फतेहपुर के सुल्तानपुर साहिबादपुर मजरा निवासी तारावती ने बताया कि उनका छोटा बेटा 35 वर्षीय विपिन पटेल मजूदरी करता था। तारावती ने बताया कि विपिन पांच साल पहले फतेहपुर की शारदा नाम की महिला और उसकी एक बेटी को लेकर चला गया था, जो चकेरी के सैनिक नगर में किराये के मकान में रह रहे थे।
शुक्रवार रात पति ने चिकन बनवाया था, जब खाना खाने का समय हुआ तो वह बोले कि थोड़ी देर में आ रहे हैं। पूछने पर कुछ नहीं कहां जा रहे हैं नहीं बताया। काफी देर बाद भी नहीं लौटे तो उन्हें ढूंढा गया। इसके बाद पुलिस से जानकारी हुई कि लोधनपुरवा के पास पति की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है।
शारदा ने बताया कि 15 अगस्त 2025 को ही उनकी 13 वर्षीय बेटी की बीमारी से मौत हुई थी। पोस्टमार्टम हाउस में दिवंगत की वृद्ध मां तारादेवी और पत्नी शारदा अलग-अलग बैठे दिखे। तारावती से पूछने पर उन्होंने शारदा को बेटे की पत्नी न होने की बात कही।

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