कानपुर, जागरण संवाददाता। नवाबगंज मैनावती मार्ग निवासी केस्कोकर्मी के बेटे गोविंद की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस को जांच में उनके एक रिश्तेदार और दोस्तों पर शक है। गोविंद को आखिरी से पहले की काल उन्नाव के रहने वाले एक रिश्तेदार के बेटे की थी। अपहरण और हत्याकांड की पूरी कहानी भी उन्नाव के आसपास ही घूम रही है। इसके साथ ही कई दोस्तों का फोन भी स्विच आफ है और वह लापता हैं। पुलिस का कहना है कि वह खुलासे के काफी करीब है।  

दोस्तों के साथ जन्मदिन की पार्टी मेें जाने की बात कहकर निकले मैनावती मार्ग निवासी केस्कोकर्मी रमेशचंद्र वर्मा के इकलौते बेटे गोविंद के अपहरण और हत्या के मामले में स्वजन का आरोप है कि पुलिस ने हर कदम पर लापरवाही की है। उन्होंने ही उन्नाव स्थित एटीएम के आसपास से फुटेज निकलवाने के साथ ही बैंक डिटेल पुलिस को साैंपी थी। वारदात के चार दिन बाद भी पुलिस हत्यारोपितों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इकलौते बेटे की हत्या से गुमसुम पिता रमेशचंद्र की मंगलवार को हालत बिगड़ गई वह चुपचाप कमरे में ही लेटे रहे। 

नवाबगंज थाना प्रभारी आशीष द्विवेदी ने बताया कि गोविंद के छह दोस्तों को उठाकर पूछताछ शुरू की गई है। कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) में चार दोस्तों के नंबर मिले थे इनमें एक जुलाई को घटना से पहले गोविंद से इनकी बात हुई थी। उसी के आधार पर चारों को उठाया। जिन चार दोस्तों को पुलिस ने हिरासत में लिया, इनमें से एक कंपनी सेक्रेटरी है और बाकी के तीन बड़ी कंपनियों में कार्यरत हैं। थाना प्रभारी का कहना है कि वह खुलासे के काफी करीब हैं करीब एक दर्जन नंबरों का सीडीआर निकाला जा रहा है।

Edited By: Abhishek Verma