कानपुर में घर के आंगन की धंसी जमीन में समाती जा रही थी युवती, बचाने को परिवार वाले दौड़े, दिखना बंद हुई तो मची चीख पुकार
कानपुर के महाराजपुर में भारी बारिश के दौरान घर के आंगन में जमीन धंसने से एक युवती की गड्ढे में गिरकर मौत हो गई।

HighLights
कानपुर के महाराजपुर में आंगन में अचानक जमीन धंसी।
गड्ढे में गिरने से युवती यशी की दर्दनाक मौत।
पुलिस और एनडीआरएफ टीम भी नहीं बचा सकी जान।
जागरण संवाददाता कानपुर। महाराजपुर के पुरवामीर में शुक्रवार सुबह भीषण बारिश के चलते एक दर्दनाक हादसा हो गया। घर के अंदर आंगन में अचानक जमीन धंसी और उसी गड्ढ़े में युवती समा गई। युवती की चीख सुनते ही बहन व पड़ोसी ने रस्सी डाल निकालने का किया था प्रयास, लेकिन मिट्टी में हाथ दबे होने से वह रस्सी पकड़ न सकी और नीचे धंसती चली गई।
गड्ढे में गिरने वाली युवती की मौत हो गई। खोदाई कर युवती का शव निकाला गया है। गड्ढे में गिरते ही वह एक बार चीखी थी। इससे अनुमान है कि ऊपर से गिरी मिट्टी में वह दब गई थी। सूचना पर पुलिस, राजस्व व एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची पर युवती की जान नहीं बच सकी।
इसके बाद लखनऊ से आई एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकल व प्रशासनिक अफसरों ने बैकहो लोडर व पोकलैंड से संयुक्त रेस्क्यू आपरेशन चलाया। टीम ने मुख्य गड्ढे से 12 फीट दूर 22 फीट गहरा समानांतर गड्ढा खोदा। नीचे फेंकी रस्सी व दुपट्टा मिलने के बाद दोपहर करीब 2:10 बजे युवती के पैर दिखे।
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस स्थान पर जमीन धंसी है, वहां करीब छह माह पहले सबमर्सिबल लगाने का प्रयास किया गया था, लेकिन काम सफल न होने पर करीब 20 फीट गहराई वाले उस स्थान को मिट्टी से पाट दिया गया और ऊपर प्लास्टर भी कराया गया था।

यशी की चीख पर अनूपा और पड़ोसी सीमा पांडेय ने दुपट्टा व रस्सी डाली, लेकिन 10 फीट नीचे दबी यशी उसे पकड़ न सकी। शोर पर ग्रामीण पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मिट्टी धंसने के कारण कोई नीचे नहीं उतर सका।

महाराजपुर के पुरवामीर में घर के अंदर धंसी आंगन की मिट्टी। जागरण

पुरवामीर में घटना के बाद बिलखती बड़ी बहनें रुचि और रूपा। जागरण

पुरवामीर में हादसे के बाद बिलखतीं मां रेखा मध्य में।जागरण
बता दें कि महाराजपुर के पुरवामीर में किसान विनोद सविता की लगभग 18 वर्षीय बेटी यशी शुक्रवार सुबह बाथरूम गई थी। बाथरूम से निकलकर वो जैसे ही आंगन में पहुंची वैसे ही तेज आवाज के साथ गड्ढ़ा हुआ और यशी उसी में चली गई। ऊपर से मिट्टी गिरने से वो उसी में दब गई।
