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गैस सिलिंडर चाहिए तो पहले खरीदिए चायपत्ती-नमक! कानपुर में एजेंसियों की 'नई शर्त' से उपभोक्ता परेशान

Published: Fri, 25 Sep 2026 09:07 AM (IST)

कानपुर में गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर के साथ जबरन चायपत्ती, नमक और सर्फ जैसे घरेलू सामान खरीदने के लिए मजबूर कर रही हैं।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।

HighLights

  1. कानपुर गैस एजेंसियां सिलेंडर के साथ जबरन बेच रहीं घरेलू उत्पाद।

  2. उपभोक्ता चायपत्ती, नमक, सर्फ खरीदने को मजबूर, सिलेंडर तभी मिलता।

  3. अधिकारियों ने जबरन बिक्री पर जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

जागरण संवाददाता, कानपुर। अब गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पर जाने के लिए झोला साथ में ले जाना ग्राहकों की मजबूरी हो गई है।

आरोप है कि एजेंसी संचालक एलपीजी सिलेंडर के साथ जबरन चायपत्ती, नमक, सर्फ और अन्य घरेलू सामान खरीदने का दबाव बना रहे हैं। अतिरिक्त सामान लेने से इनकार करने पर स्टाक खत्म होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।

शहर के अलग-अलग इलाकों से सामने आ रही शिकायतों के अनुसार एजेंसी पहुंचने वाले उपभोक्ताओं से कहा जाता है कि गैस के साथ कोई अन्य उत्पाद भी लेना होगा। सामान लेने से इनकार करने पर वितरण में टालमटोल की जाती है। बार-बार एजेंसी के चक्कर लगवाए जाते हैं। मजबूरी में ग्राहकों को सामान खरीदना पड़ता है।

कार्रवाई की मांग, नियमों पर उठे सवाल

उपभोक्ताओं का कहना है कि तेल विपणन कंपनियों की एजेंसियां केवल गैस और उससे जुड़े अधिकृत उत्पाद ही बेच सकती हैं, इसलिए अतिरिक्त सामान खरीदने के लिए दबाव बनाना पूरी तरह अनुचित है।

लोगों ने जिला पूर्ति विभाग तथा इंडेन आयल, भारत गैस और हिन्दुस्तान गैस के स्थानीय अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषी एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की है। जिला पूर्ति अधिकारी का कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता से गैस वितरण के बदले जबरन अन्य सामान खरीदवाने की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।

तेल कंपनियों के अधिकारियों का भी कहना है कि उपभोक्ताओं को किसी भी अतिरिक्त उत्पाद की खरीद के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। शिकायत सही मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

केस एक:

चिड़ियाघर के समीप संचालित भारत गैस की भवानी गैस एजेंसी से होम डिलेवरी न के बराबर होती है। सिलिंडर लेने खुद ही जाना पड़ता है। पहुंचने पर वहां बीस रुपए अतिरिक्त लेकर बदले में चाय की पत्ती थमाई जा रही है। विरोध करने पर एजेंसी संचालक सिलिंडर देने में आनाकानी करते हैं। यह हर बार का नियम हो गया है। एक-दो बार नहीं, जितनी बार जाओ कभी चाय की पत्ती तो कभी कुछ और। सिलिंडर लेना है तो साथ में अतिरिक्त सामग्री लेना अनिवार्य है।
- गीता देवी, विनायकपुर।

केस दो:

जब सिलिंडर होम डिलिवरी से आता है, तब तो कोई दिक्कत नहीं होती लेकिन जब सिलिंडर लेने खुद ही एजेंसी जाना पड़ता है तो वहां उनकी शर्तें माननी पड़ती हैं। कभी नमक, कभी साबुन, कभी चाय की पत्ती तो कभी सर्फ पाउडर, कोई न कोई सामग्री हर बार जबरन पकड़ा देते हैं। न खरीदने पर तुरंत बोल देते हैं कि सिलेंडर का स्टाक खत्म हो गया। कल आना। अगले दिन भी कोई न कोई बहाना बना देते हैं। ऐसे में सामग्री खरीदना मजबूरी हो गई है।
- रितेश पांडेय, सिविल लाइंस।

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