कानपुर, जागरण संवाददाता। दशहरा पर्व पर नीलकंठ पक्षियाें को घर ले जाकर धनवान बनने का झांसा दे रहे तस्कर वन विभाग की टीम की पकड़ में आए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को नयागंज बाजार स्थित नागेश्वर मंदिर के सामने डेढ़ से दो हजार रुपये में दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों की बिक्री कर रहे चार आरोपितों को हिरासत में लिया है। तीन आरोपित मौके से फरार हो गए।

हिरासत में लिए गए आरोपितों के पास से 58 रोज रिंग्ड पैराकीट, 10 प्लम हैडेड पैराकीट, 70 नीलकंठ, आठ किंगफिशर पक्षी और तीन मोटरसाइकिल व दो साइकिल बरामद हुई है। वन विभाग ने आरोपितों के खिलाफ अपराध वन रेंज कानपुर में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम एवं वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस पंजीकृत हुआ है।

क्षेत्रीय वन अधिकारी लल्लू सिंह की अगुवाई में टीम में शामिल उप क्षेत्रीय वन अधिकारी अनिल प्रताप सिंह तोमर, वन दारोगा रूपकिशोर, वन्य जीव संस्था के कार्यकर्ता अविरल और सौरभ पांडेय के साथ नयागंज बाजार में स्थित नागेश्वर मंदिर के सामने छापेमारी की थी।

यह आराेपित पकड़े गए

मौके से आरोपित मोहसिन निवासी बांगरमऊ, मो.कैफ, इरफान, राजा निवासी तिर्वा को पकड़ा गया है। जबकि रायबरेली निवासी अर्जुन, भीम, सोनू भाग निकले। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि अवैध तरीके से शिकार कर पक्षियों को अपने कब्जे में लेते थे और फिर उन्हें बेच देते थे। नयागंज बाजार में साल में एक बार दशहरा पर्व पर ही नीलकंठ सहित अन्य पक्षियों को बेचने के लिए आते थे। डेढ़ से दो हजार रुपये में एक पक्षी बिक जाता है। क्षेत्रीय वन अधिकारी लल्लू सिंह ने बताया कि फरार युवकों की तलाश की जा रही है।

ये है प्रावधान 

वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की अनुसूची चार में नीलकंठ, रोज रिंग्ड पैराकीट, प्लम हैडेड पैराकीट, नीलकंठ, किंगफिशर पक्षियों को दुर्लभ प्रजाति में शामिल किया गया है। इनकी खरीद व बिक्री करना प्रतिबंधित है। जो भी व्यक्ति इस अधिनियम की अवहेलना करने पर जेल व जुर्माना का प्रावधान है। 

Edited By: Abhishek Agnihotri

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