कानपुर, जागरण संवाददाता। बर्रा में दंपती की हत्या का राज खोलना पुलिस के लिए तब और आसान हो गया जब संदेह के दायरे में आई बेटी के मोबाइल पर एक स्क्रीन मैसेज मिला। इस मैसेज से पुलिस का माथा ठनका और बेटी से कड़ाई से पूछताछ करते ही हत्या का पूरा घटनाक्रम सामने आ गया। 

गाेद ली बेटी पर गहराया पुलिस का शक :  बर्रा में रहने वाले मुन्नालाल और उनकी पत्नी राजदेवी की हत्या की जानकारी पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे  तो घटनास्थल ही चीख-चीखकर गवाही दे रहा था कि हत्यारा कोई करीबी ही। मुन्ना लाल के घर के अंदर रात के समय किसी का भी यूं ही प्रवेश नहीं हो सकता था। पूरे घर में कोई चोर रास्ता नहीं था। घर के अंदर हत्यारों का दाखिला तभी संभव था, जब उनके लिए गेट खोले जाएं। ऐसे में पहला शक घर में बेटे और बेटी पर गया। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की और जब यह पता चला कि आकांक्षा गोद ली हुई बेटी है और रात उसने ही जूस दिया था, जिसे पीने के बाद विपिन को बेहोशी आ गई थी तो पुलिस का शक पुख्ता होने लगा।

मोबाइल के स्क्रीन मैसेज से मिला सुराग : शक होने पर पुलिस ने आकांक्षा का मोबाइल लेकर उसे खंगालना शुरू कर दिया। मोबाइल की पुरानी हिस्ट्री पूरी तरह से डिलीट कर दी गई थी। इससे पुलिस का माथ ठनका। इसी बीच पुलिस को एक स्क्रीन मैसेज ने चौंका दिया। उसमें लिखा था, आज भाई की मम्मी पापा से जमकर बहस हुई। उनका कत्ल कर भाई ने भी आत्महत्या कर ली है। यह मैसेज देखकर पुलिस के कान खड़े हो गए। आकांक्षा ने यह मैसेज क्यों लिखा, इसका जवाब तलाशने के लिए पुलिस ने इसके बाद आकांक्षा का फोरेंसिक टेस्ट कराने का फैसला किया।

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खून से रंगे थे हाथ : पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाया और आकांक्षा के शरीर, कपड़ों की बेंजाडीन जांच कराई। आकांक्षा के कपड़ों और शरीर पर मानवरक्त की पुष्टि हो गई। विशेषज्ञों ने अधिकारियों को बताया कि जो रक्त कपड़ों व शरीर पर मिला है, उसे देखकर स्पष्ट है कि खून यूं ही नहीं लगा है, बल्कि खून का फव्वारा जब छूटा तो उसके छींटे पड़े हैं। हाथ में रक्त की मौजूदगी से शक गहराया कि गला रेतने में आकांक्षा भी शामिल होगी। आकांक्षा ने बताया था कि हत्यारों ने उसे कोई नशीली वस्तु सुंघा दी थी, मगर जब जांच हुई तो ऐसा कोई केमिकल नहीं पाया गया। 

सीसी कैमरे ने भी कर दी चुगली : पुलिस ने इसके बाद जांच को और आगे बढ़ाया। आकांक्षा ने पुलिस को बताया था हत्यारे तीन थे। उसे पता था कि भाई के ससुराल वालों से संबंध अच्छे नहीं है, इसलिए उसने जान बूझकर बताया कि हत्यारोपितों में एक लंबा व्यक्ति भी था, जिसकी कद काठी भाई के बड़े साले से मिलती जुलती है। भाई आकांक्षा की बातों में भी आ गया और सालों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी बीच पुलिस ने पड़ोसी के घर में लगे सीसी कैमरे का रिकार्ड देखा तो रात 12 बजे एक व्यक्ति मुन्ना लाल के घर की ओर जाता दिखाई पड़ा। दो घंटे बाद वह वापस लौटा। माना गया कि यही व्यक्ति था, जिसने वारदात को अंजाम दिया। अब स्पष्ट हो गया कि हत्या में तीन नहीं बल्कि केवल एक व्यक्ति था। यहां भी आकांक्षा का झूठ सामने आ गया।

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विपिन के सालों से भी की पूछताछ : पुलिस ने विपिन की तहरीर के आधार पर भी जांच बंद नहीं की। पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले विपिन के साले सुरेंद्र को पहले पकड़ा और बाद में सेलावन गांव से दूसरे साले मयंक को पकड़कर ले आई। हालांकि इन दोनों से पुलिस को कुछ खास हासिल नहीं हुआ। 

Edited By: Abhishek Agnihotri