कानपुर में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, जैसलमेर में पार्टी करते 15 ठग गिरफ्तार
कानपुर पुलिस ने साइबर ठगी के आरोप में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो ठगी की रकम से राजस्थान ...और पढ़ें

सचेंडी थाना क्षेत्र के गांव में साइबर अपराधियों की तलाश में साइबर टीम के साथ पहुंचे डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह और एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा। पुलिस
HighLights
कानपुर पुलिस ने 15 साइबर ठगों को किया गिरफ्तार।
ठगी की रकम से राजस्थान के जैसलमेर में कर रहे थे पार्टी।
पुलिसकर्मी बनकर अश्लील वीडियो व ई-चालान से करते थे ठगी।
जागरण संवाददाता, कानपुर। घर से ड्यूटी पर जाने की बात कहकर निकले और खेतों व पानी की टंकियों पर बैठकर ठगी की। इसके बाद साइबर ठगी की रकम से राजस्थान के जैसलमेर में पार्टी करने पहुंच गए। पुलिस ने विभिन्न राज्यों के 30 से अधिक शिकायतें नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो में दर्ज होने पर 15 ठगों को दबोचा है।कानपुर के सचेंडी क्षेत्र के कई गांव मिनी जामताड़ा बन चुके हैं।
यहां के साइबर ठग पुलिसकर्मी बन अश्लील वीडियो देखने तो ई-चालान व लाभार्थी योजनाओं समेत अन्य तरीकों से ठगी करते हैं। साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने सात दिवसीय विशेष अभियान आपरेशन साई-वज्र चलाया है, जिसमें गिरफ्तारी, ठगी के पीड़ितों की धनराशि वापस दिलाने, फर्जीवाड़े में इस्तेमाल हो रहे म्यूल खातों व सिमकार्ड ब्लाक करने की कार्रवाई की जा रही है।
इसके लिए लखनऊ के साइबर सेल से ऐसे साइबर अपराधियों के मोबाइल नंबरों के हाटस्पाट की जानकारी मिल रही है। बीते दिनों वहां से साइबर टीम को 30 से अधिक सक्रिय मोबाइल नंबरों के हाटस्पाट की जानकारी मिली थी। इस हाटस्पाट पर जांच में पता चला कि जो नंबर सक्रिय हैं, वे ठगी में अभी इस्तेमाल किए जा रहे हैं। टीम ने कुछ लोगों को उठाकर पूछताछ की तो पता चला कि आरोपित जैसलमेर गए हैं, तो वहां से उन्हें दबोचा गया।
पांच साइबर अपराधियों को टीम ने 17 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया था, जो सचेंडी व कानपुर देहात की सीमा से सटे खेतों में बैठकर तत्कालीन डीसीपी क्राइम अतुल कुमार श्रीवास्तव का नाम लेकर अश्लील वीडियो देखने समेत अन्य तरीकों से लोगों को डराकर ठगते थे। ड्रोन के माध्यम से रेउना में गिरफ्तारी की गई थी।
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प्रतापगढ़ के फतनपुर के सुवंसा निवासी ज्ञानदास से साइबर ठगी होने के बाद उन्होंने 30 जनवरी 2025 को फंदा लगा जान दे दी थी। मामले में प्रतापगढ़ की पुलिस टीम ने फरवरी 2025 में एसओजी टीम के साथ मिलकर सचेंडी में दबिश दी तो गिरोह के कुछ सदस्यों ने फायरिंग कर दी थी।
टीम ने चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया था। हालांकि, पुलिस ने बाद में फायरिंग की बात से इन्कार कर दिया था। डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े ठगों से पूछताछ कर गिरोह के और सदस्यों की तलाश की जा रही है।
