कानपुर, जागरण संवाददाता। सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर महिला क्लर्क सुलेखा से हुई डेढ़ लाख की लूट के मामले में अपनी साख बचाने के लिये जीआरपी व आरपीएफ ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) का डाटा डंप कर संदिग्ध लोगों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। इसके साथ ही जीआरपी की चार टीमे रात-दिन छापेमारी कर रही हैं। 

सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म एक के बाहर बने जरनल टिकट घर में शनिवार रात महिला क्लर्क सुलेखा से हुई लूट के मामले में जीआरपी की चार टीमें दिल्ली, लखनऊ, उन्नाव और प्रयागराज में दबिश दे रही हैं। सीओ जीआरपी कमरुल हसन ने बताया कि बीटीएस का डाटा डंप करने के साथ डाटा फिल्ट्रेशन के जरिए संदिग्ध नंबरों की डिटेल जुटाई जा रही है। इसके साथ ही जीआरपी की चार टीमे रात-दिन छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही लुटेरे को गिरफ्तार कर घटना का राजफाश किया जायेगा। घंटाघर चौराहे पर सिविल एरिया में लगे कैमरे खराब होने की वजह से वहां से कोई फुटेज नहीं मिल सका वरना काफी मदद मिल जाती।

Edited By: Abhishek Verma