कानपुर, जेएनएन। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सड़क तक अतिक्रमण है। फुटपाथ पर रह रहे लोगों ने पहले ही अवैध कब्जे कर रखे हैं। यहां कोई दिन ऐसा नहीं होता जब जाम न लगता हो। सुबह से रात तक लोगों को जाम की वजह से परेशान होना पड़ता है। इन इलाकों में चौड़ी सड़कें संकरी गलियों में बदलती जा रही हैं। कई जगहों पर तो लोगों ने अवैध रूप से सड़क पर पार्किंग बना रखी है। रही सही कसर सड़क पर लगने वाली दुकानों ने पूरी कर दी है। इसकी वजह से अकसर जाम की स्थिति बनी रहती है। घनी आबादी वाले इलाकों में अगर एक बार वाहन ले गए तो बिना जमा में फसे यहां से निकलना बहुत मुश्किल है। परेड से लेकर चमनगंज तक सड़क का बुरा हाल है। यहां लोगों ने फुटपाथ के साथ सड़क के किनारे अवैध कब्जे कर रखे हैं। पूरे क्षेत्र में सैकड़ों दुकानें व ठेले लगते हैं। इसके साथ ही लोगों ने सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से पार्किंग भी बना रखी है। अवैध पार्किग की वजह से वाहन आधी सड़क घेरे रहते हैं। रहमानी मार्केट से लेकर रूपम चौराहा तक दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहन खड़े रहते हैं। रहमानी मार्केट के सामने तथा सड़क के दूसरी तरफ सुबह से रात तक वाहन खड़े रहते हैं। इन क्षेत्रों से ई रिक्शों की वजह से भी बुरा हाल रहता है। जगह-जगह आड़े तिरछे खडे़ ई रिक्शों की वजह से लोगों का निकलना मुश्किल होता है। तलाक महल से होकर चमनगंज जाने वाले रास्ते पर दो पहिया वाहन बड़ी मुश्किल से निकल पाते हैं। चार पहिया वाहन अगर आ गए तो काफी लंबा जाम लग जाता है। यही स्थित दादा मियां चौराहा, हीरामन का पुरवा, बेकनगंज, पेंचबाग, रजबी रोड, नई सड़क आदि क्षेत्रों की भी है। इन क्षेत्रों में भी जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण व वाहनों की पार्किंग को हटाने के लिए कोई अभियान नहीं चलता है। इसकी वजह से राहगीरों को परेशान होना पड़ता है। इन क्षेत्रों से एंबुलेंस में गंभीर मरीजों को लेकर नहीं जा सकते हैं। एंबुलेंस के जाम में फंसने से मरीज की जान के लाले पड़ सकते है।

Edited By: Shaswat Gupta