कानपुर के बारादेवी मेला परिसर में चिंगारी से लगी आग, एक दर्जन दुकानें जलकर राख
कानपुर के बारादेवी मंदिर मेला परिसर में गुरुवार तड़के विद्युत पोल से निकली चिंगारी से भीषण आग लग गई।

एक दर्जन दुकानें जलकर खाक हो गईं, जिससे लाखों का नुकसान हुआ।
HighLights
कानपुर के बारादेवी मेला परिसर में आग लगी।
विद्युत पोल से निकली चिंगारी बनी आग का कारण।
एक दर्जन दुकानें खाक, लाखों का सामान नष्ट।
जागरण संवाददाता , कानपुर। जूही थाना क्षेत्र स्थित बारादेवी मंदिर मेला परिसर में गुरुवार तड़के करीब चार बजे विद्युत पोल में उलझे तार से स्पार्किंग हुई। जिससे तार टूटने के साथ चिंगारी मेले पर लगी बांस, बल्ली (टट्टर) की दुकानों में आ गिरी। जिसकी चपेट में करीब एक दर्जन दुकानें आ गईं। आग की गर्मी से सो रहे दुकानदारों की नींद खुली, तो अफरा तफरी मची रही। जिसपर वह दुकान का समान बचाने की कोशिश करने लगे। पर , आग की ऊंची ऊंची लपटें भयंकर रूप ले चुकीं थीं।
यहां पहुंची लगभग आधा दर्जन दमकल ने आग पर काबू पाया। घटना में लाखों के नुकसान की बात कही जा रही है। कहा गया कि कहीं , आगजनी दशहरे मेले को दौरान होती तो बड़ा हादसा होता। मेला दुकानदार हुमैरा ने बताया कि विद्युत पोल पर काफी पहले से स्पार्किंग हो रही थी। लेकिन, केस्को का नंबर नहीं लगा। जो लगे वह रिसीव नहीं हुए।
जो घटना की वजह बना। फिर, आगजनी के बाद भी केस्को टीम काफी देर से पहुंची। जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ। मौके पर पहुंचे विधायक महेश त्रिवेद्धी ने डीएम ओर केस्को के एमडी फोन पर बात कर पीड़ितों को मदद दिलवाने को कहा।
चूड़ी, कपड़े, फर्नीचर, आर्टफीशियल ज्वैलरी की दुकानें खाक
आगजनी में मेले परिवार में संचालक संदीप की प्लास्टिक, मिनी ठाकुर की पूजा-पाठ सामग्री, भारत वाल्मीकि की रेडिमेड कपड़ा , रानू शुक्ला की हर माल, राजेश बाजपेई की जूता-चप्पल, विपिन सिंह की फर्नीचर, छोटे सविता की भी वर्षों पुरानी दुकान जली। वहीं, संजय गुप्ता और मनोज गुप्ता की आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकानें, सनी की चूड़ी की दुकान के अलावा राहुल सैनी और हुमैरा की चूड़ी की दुकान समेत समान खाक हो गया। इसमें मेले व अस्थाई रूप से लगने वाली दुकानें शामिल हैं।
चोरी से बचाने को दुकानों सो रहे थे , पर आग ने कर दिया बेबस
पीड़ित सनी के पिता मजहर अली के अनुसार वह अपनी दुकान के माल की सुरक्षा के लिए अंदर या बाहर सोते हैं। जिससे वह चोरी न हो सके। पर, इस आग ने तो उनके सामने ही सबकुछ खाक कर दिया। अब उनके पास व्यापार के साथ गुजर बसर के लिए भी कुछ नहीं बचा। दुकानदार रानू शुक्ला के अनुसार वह रात को दुकान में अपनी मां के साथ सो रहीं थीं। उन्हें आग की गर्मी और तपन लगने के अलावा हो हल्ला सुनाई दिया। जिसपर उनकी नींद खुली। जिसपर वह आनन फानन में परिवार के सभी लोगों लेकर बाहर भागीं, जिससे उनकी जान बच गई।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि रात को घटना की जानकारी पर तत्काल किदवई नगर, मीरपुर और फजलगंज के फायर स्टेशन से गाड़ियों को रवाना किया गया। इस आग को दमकल की आधा दर्जन वाहनों की मदद से करीब डेढ़ घंटे की कोशिश के बाद बुझाया जा सका। घटना की वजह शार्ट सर्किंट से हुई स्पार्किंग बताई जा रही है। मामले की जांच की जा रही है।
