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    कानपुर की बकरमंडी में आटो पार्ट्स गोदाम में लगी भीषण आग, दूसरी मंजिल फंसा वृद्ध

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 06:17 PM (IST)

    कानपुर के बकरमंडी में एक ऑटो पार्ट्स गोदाम में भीषण आग लग गई। दमकल की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया। आग लगने से क्षेत्र में दहशत फैल गई। एक वृद्ध व्यक्ति गोदाम की दूसरी मंजिल पर फंसा हुआ था, जिसे सुरक्षित निकाल लिया गया। आग बुझाने में दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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    बकरामंडी में गोदाम में आग लगने से दूसरी मंजिल में फंसे वृद्ध को खिड़की से सीढ़ियों के सहारे उतारते दमकलकर्मी। पुलिस

    जागरण संवाददाता, कानपुर। बकरमंडी में दो मंजिला मकान की पहली मंजिल पर आटो पार्ट्स गोदाम में आग लग गई। इससे दूसरी मंजिल पर 75 वर्षीय वृद्ध मो. रशीद फंस गए। आग लपटें उठने और कमरे में धुआं भरने से उनका दम घुटने लगा। चलने में अस्मर्थ रशीद किसी तरह से दीवार के सहारे से खिड़की तक पहुंचे और चीखते हुए कूदने का प्रयास करने लगे, लेकिन लोगों ने समझाते हुए रोका।

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    इसीबीच बजरिया थाने का फोर्स और दमकल पहुंच गई। एक तरफ से आग बुझना शुरू हुआ और दूसरी तरपु सीढ़ी लगाकर रशीद को सुरक्षित निकाला। हालांकि उतारते समय उनके दाएं पैर में चोट भी लग गई। इसके बाद आग पर काबू पा लिया। वहीं, दुकान और गोदाम में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं दिखे। गोदाम मालिक ने बताया कि दुकान पर एक सिलिंडर रखा था, लेकिन आग इतनी बढ़ी हुई थी कि उसका प्रयोग नहीं कर पाए।

     

    बकरमंडी ढाल के पास रहने वाले 75 वर्षीय मो. रशीद ने बताया कि उनके तीने बेटे हैं। बड़ा बेटा मो. सलमान अपनी पत्नी बच्चों संग ओमान में रहता है। मझला बेटा शहनवाज कानपुर देहात के अकबरपुर में शिक्षक हैं और वहीं रहते हैं, जबकि अविवाहित सबसे छोटा बेटा इमरान पीरोड में चूड़ी की दुकान में काम करता है और उनके साथ रहता है। उनके मकान के भूतल में अशोक नगर निवासी हीरालाल सजनानी की चार दूकानें आटो पार्ट्स की है और पहली मंजिल पर उन्होंने गोदाम बनवा रखा है।

     

    शनिवार दोपहर लगभग एक बजे गोदाम में आग लग गई। गोदाम से धुआं निकलते ही राहगीर शोर मचाने लगे। इस पर हीरालाल और उनके कर्मचारी पहली मंजिल पर पहुंचने के लिए दौड़े, लेकिन लपटें सीढ़ियों तक आ चुकी थी। इससे वह वहां नहीं जा पाए। इसीबीच दूसरी मंजिल पर अकेले रहे मो. रशीद की चीखें सुनाई दी। वह खिड़की पर खड़े होकर बाहर झांकते हुए मदद मांगते दिखे। लोगों की भीड़ तो जुटी, लेकिन कोई कुछ कर नहीं पा रहा था। कुछ ही देर बाद रशीद खिड़की से कूदने का प्रयास करने लगे। लोगों ने रुकने का इशारा करते हुए बताया कि पुलिस और दमकल की गाड़ियां आ रही हैं।

     

    वृद्ध को रेस्क्यू कर बाहर निकाला

    बजरिया थाने का फोर्स और कुछ देर बाद दमकल की तीन गाड़ियां पहुंच गई। दो सीढ़ियां लगाई गईं, जिससे दो दमकलकर्मियों की मदद से मो. रशीद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं, दमकलकर्मियों ने लगभग पौन घंटे बाद आग पर काबू पा लिया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि दमकल की तीन गाड़ियों ने आग पर समय पर काबू पा लिया। उनकी टीम ने रेस्क्यू कर वृद्ध को भी सुरक्षित बाहर निकाला है। आग के कारण और अग्निशमन उपकरण थे या नहीं इसकी जांच कराई जा रही है।

     

    गोदाम मालिक पर मकान कब्जाने का लगाया आरोप

    मो. रशीद ने बताया कि पहले उनके मकान की पहली मंजिल पर एक किरायेदार रहते थे। आरोप है कि उसने हीरालाल को पगड़ी पर सारी दुकानें दे दी। इसके बाद पहली मंजिल का कमरा खाली कर उसे भी हीरालाल को वर्ष 2017 में दे दिया। तब से वह कब्जा किए हुए हैं, जिसका मामला कोर्ट में चल रहा है। वहीं, हीरालाल ने बताया कि चारों दुकानें रशीद ने ही उन्हें पगड़ी पर 1988 में दी है। पहली मंजिल का कमरा भी वर्ष 2017 में पगड़ी पर उन्होंने ही दिया है। इसके बावजूद उन्होंने केस भी कर दिया है। उन्होंने ये आग की घटना साजिश के तहत होने की आशंका जताई है। इसकी शिकायत बजरिया थाना पुलिस से की है।