कानपुर के अरमापुर मेले में ग्रेविटी झूला टूटने से 30 लोग घायल, मची भगदड़
कानपुर के अरमापुर मेले में गुरुवार रात ग्रेविटी झूला टूटने से करीब 30 लोग घायल हो गए, जिससे मौके पर ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
अरमापुर मेले में ग्रेविटी झूला टूटने से 30 लोग घायल।
झूला संचालक फरार, प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए।
गनीमत रही कि रफ्तार कम थी, बड़ा हादसा टला।
जागरण संवाददाता, कानपुर। अरमापुर स्टेट ग्राउंड में मेला के दौरान गुरुवार रात ग्रेविटी झूला चलने के करीब 30 सेकंड बाद टूटकर एक ओर झुक गया। तेज आवाज के चलते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। झूले में बैठे करीब 30 लोग चोटिल हुए हैं। गनीमत रही कि रफ्तार ज्यादा नहीं थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। झूला संचालक भाग निकला। उसने सभी विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र ले रखा था।
एडीएम सिटी सौरभ सिंह ने बताया कि किन विभागों से एनओसी जारी हुई है, इसकी जांच की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। एडीसीपी पश्चिम योगेश कुमार भी जांच करेंगे।मेले में छोटे-बड़े 15 झूले लगे थे। गुरुवार को अंतिम दिन था।
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मसवानपुर निवासी सत्यप्रकाश उर्फ छोटे ठाकुर ने बिजली से चलने वाला ग्रेविटी झूला लगाया था। इसकी क्षमता 30 से 35 लोग या 2500 किलो की है। झूले में सवार रहे 14 वर्षीय ओवैश अली ने बताया कि वह भाई 12 वर्षीय आरिम के साथ झूला झूलने आए थे। ओवैश ने बताया कि उनके साथ 25 से 30 लोग बैठे थे। रात करीब 9:30 बजे झूला घूमना शुरू हुआ तो कुछ टूटने की आवाज आई और जोर का झटका लगा। उसी समय अंधेरा हो गया।
ये है ग्रेविटी झूला
ग्रेविटी झूले को मिक्सर झूला भी कहते हैं। चारों ओर गोल घेरा होता है और एक ही जगह पर गोल-गोल घूमता है। इसकी वजह से लोग झूले की दीवार से चिपके रहते हैं। यह झूला लोगों को शून्य गुरुत्वाकर्षण और हवा में उड़ने जैसा अहसास कराता है।
