कन्नौज, जागरण संवाददाता। फेसबुक संस्थापक मार्क जुकरबर्ग का नाम पुलिस ने विवेचना में हटा दिया है। अब बुआ-बबुआ नाम से बनाए गए फेसबुक पेज पर पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी की जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक लोकप्रियता हासिल करने के लिए फेसबुक संस्थापक का नाम दिया गया था। 

ठठिया थाने में सरहटी गांव निवासी समाजवादी अधिवक्ता सभा के जिला उपाध्यक्ष अमित यादव ने न्यायालय के आदेश पर फेसबुक संस्थापक मार्क जुकरबर्ग तथा 49 अन्य लोगों के खिलाफ आइटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि बुआ-बबुआ नाम से बने फेसबुक पेज पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ अभद्र पोस्ट की जा रही है, जिस पर लोग भद्दे कमेंट कर रहे हैं। इससे पूर्व मुख्यमंत्री की छवि धूमिल हो रही है। फेसबुक संस्थापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से यह मामला चर्चा में आया था। पुलिस ने विवेचना में मार्क जुकरबर्ग का नाम हटा दिया। पुलिस के मुताबिक फेसबुक विश्व के कई देशों में संचालित है। इसमें इंटरनेट मीडिया का कोई दोष नहीं है। इसमें पेज बनाने वाले तथा उस पर अभद्र टिप्पणी करने वाले ही दोषी हैं। विवेचना कर उन्हें सजा दिलवाई जाएगी। एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि लोकप्रियता हासिल करने को फेसबुक संस्थापक के नाम कोर्ट के आदेश से एफआइआर दर्ज कराई गई थी। विवेचना में मार्क जुकरबर्ग का नाम हटा दिया गया है। अन्य आरोपितों पर कार्रवाई की जाएगी। 

Edited By: Shaswat Gupta