कानपुर, जेएनएन। हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के हत्यारे बेहद शातिर थे। ट्रेन में ही कानपुर देहात के दो युवकों से दोस्ती गांठ ली और कानपुर में उनकी मदद से नया मोबाइल फोन और सिम खरीदा। उनके नंबर का इस्तेमाल ओटीपी (वनटाइम पासवर्ड) के लिए किया। कातिलों के सहयोगियों का पता लगाने के लिए एसटीएफ ने सोमवार को रेलबाजार क्षेत्र में पड़ताल की। स्टेशन से लेकर टाटमिल तक लगे करीब एक दर्जन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई और कई होटलों का रिकॉर्ड चेक किया। दो कैमरों के फुटेज में आरोपित स्टेशन से रामलीला मैदान की ओर जाते नजर आए हैं।

गुजरात से हत्यारोपित उद्योगकर्मी एक्सप्रेस से सेंट्रल स्टेशन पर उतरे थे। गुजरात में ही नौकरी कर रहे कानपुर देहात के दो युवकों के साथ स्टेशन से बाहर निकले थे। सूत्रों ने बताया कि हत्यारों ने ट्रेन में दोनों युवकों से केवल इसलिए दोस्ती की, ताकि मोबाइल फोन खरीदने में परेशानी न हो। एसटीएफ की जांच में पता लगा है कि आरोपितों ने युवकों से कहा कि उनका मोबाइल फोन खो गया है।

उन्होंने रेलबाजार स्टेशन रोड स्थित टेलीकॉम शॉप से मोबाइल खरीदा, जिसमें सिमकार्ड इनबिल्ड है। नया फोन खरीदने के लिए फार्म भरा और उसमें वेरीफिकेशन के लिए युवक का मोबाइल नंबर डाल दिया। इसके बाद जब कंपनी की ओर से उस नंबर पर ओटीपी आया तो उसे देखकर दुकानदार को बता दिया था। इससे तुरंत ही उनका नया फोन नंबर एक्टिवेट हो गया। मोबाइल फोन खरीदने के लिए अशफाक हुसैन ने अपने आधार कार्ड की प्रति बतौर आइडी जमा की थी।

एसटीएफ सूत्र के मुताबिक आरोपितों ने देर शाम करीब आठ बजे दुकान से मोबाइल फोन खरीदा था। वह रात करीब 11 बजे लखनऊ के होटल पहुंचे। लखनऊ पहुंचने में बमुश्किल दो घंटे लगे होंगे। इससे जाहिर है कि आरोपित कम से कम 45 मिनट किसी होटल या ढाबे पर भी रुके होंगे। इसी आशंका में एसटीएफ ने सोमवार को रेलबाजार क्षेत्र के कई होटलों व ढाबों के आसपास के कैमरों की फुटेज निकलवाई। 

चस्पा कराई हत्यारोपितों की फोटो

हत्यारोपितों अशफाक व मोहिनुद्दीन की फोटो पुलिस रेलवे स्टेशन परिसर, बस स्टैंड, प्रमुख चौराहों और धर्मस्थलों के आसपास चस्पा करा रही है। सोमवार को हरबंशमोहाल पुलिस ने दो दर्जन स्थानों पर फोटो लगवाई। फोटो में इन ढाई-ढाई लाख रुपये इनाम की बात लिखी है।

Posted By: Abhishek

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