चित्रकूट, जेएनएन। कामदगिरि परिक्रमा पथ पर बुधवार से जिला प्रशासन ने अवैध कब्जे ढहाने की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक साल पहले परिक्रमा लगाते समय अतिक्रमण देखकर नाराजगी जताते हुए कब्जे हटाने की हिदायत दी थी। अभी तक ढुलमुल रवैया अपना रहे अधिकारी मंडलायुक्त के पेच कसने के बाद सक्रिय हुए हैं।  

उपजिलाधिकारी सदर रामप्रकाश, उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके दीक्षित और क्षेत्राधिकारी सदर शीतला प्रसाद पांडेय की अगुवाई में टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची। वन विभाग, नगरपालिका व राजस्व कर्मियों ने कामदगिरि परिक्रमा पथ के दोनों ओर फैले अवैध कब्जे हटाए। एसडीओ ने बताया कि कामदगिरि में वन विभाग ने 72 अवैध कब्जे चिह्नित किए थे। बुधवार को मध्यप्रदेश सीमा स्थित साक्षी गोपाल मंदिर के पास से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया। पहले दिन अस्थायी व स्थायी 20 अवैध कब्जे ढहाए गए। अभियान कामदगिरि को पूरी तरह से अवैध कब्जों से मुक्त करके ही समाप्त होगा।  

अवैध कब्जा धारकों से तीखी झड़प 

कब्जा हटाने गई टीम से अवैध कब्जा धारकों की नोकझोंक हुई। अधिक पुलिस बल और अधिकारियों के कारण लोग शांत हो गए। लोगों ने कहा कि अधिकारियों ने सामान हटाने का समय नहीं दिया। वैसे, पहले ही कब्जा करने वालों को कई बार नोटिस दी जा चुकी है। 

बुलडोजर गरजने से लोग डरे 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 सितंबर 2019 को लक्ष्मण पहाड़ी रोप-वे का उद्घाटन करने के साथ ही कामदगिरि की परिक्रमा लगाई थी। उस समय डीएम को निर्देश दिया था कि अवैध कब्जे हटाएं। उसके बाद से जिला प्रशासन सिर्फ बैठकों में अतिक्रमण हटाने की बात  करता रहा, लेकिन हकीकत में कुछ भी नहीं किया। हाल ही में चित्रकूटधाम के मंडलायुक्त दिनेश सिंह ने कलेक्ट्रेट में बैठक के दौरान राजस्व व वन विभाग के अफसरों को सख्त निर्देश तो बुलडोजर चला। इससे अवैध कब्जा करने वालों में डर पैदा हुआ है।   

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