कानपुर, जेएनएन। सराफा कारोबारियों ने ब्यूरो आफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआइएस) का विरोध किया है। सराफा कारोबारियों ने साफ कर दिया है कि वे बीआइएस को अपने गहनों की सूची नहीं देंगे क्योंकि बीआइएस के पास इस तरह से उनके गहनों का स्टाक जानने का कोई अधिकार नहीं है। आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन और अखिल भारतीय स्वर्णकार विकास परिषद ने बीआइएस के महानिदेशक को इस संबंध में पत्र लिखा है।

बीआइएस ने सराफा कारोबारियों से कहा था कि वे पुराने हालमार्क वाले गहने, उनकी संख्या व उनका भार एक तय प्रोफार्मा पर 31 जुलाई तक भेज दें। इस संबंध में आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा का कहना है कि जिस तरह से स्टाक की सूचना मांगी गई है वह ठीक नहीं है। इससे व्यापारी नाराज हैं। पंजीकृत व्यापारी के लिए बीआइएस एक्ट 2016 और भारत सरकार द्वारा जारी विनिमयन 2018 में कहीं भी इसका उल्लेख नहीं है। उनके मुताबिक बीआइएस शुद्धता की जांच करने वाली संस्था है। इसका स्टाक की गणना से कोई मतलब नहीं है। इसके लिए अलग से वित्त नियमाक संस्थाएं हैं।

इसलिए प्रधानमंत्री को इस निर्देश को तुरंत वापस लेना चाहिए। वहीं अखिल भारतीय स्वर्णकार विकास परिषद के अध्यक्ष पुष्पेंद्र जायसवाल ने बताया बीआइएस को स्टाक विवरण मांगने का कानूनी अधिकार नहीं है। अगर बीआइएस स्टाक विवरण मांगने के कानूनी आधार को सिद्ध करने वाले प्रविधान की जानकारी नहीं देता है तो अखिल भारतीय स्वर्णकार विकास परिषद के सदस्य बीआइएस को स्टाक विवरण नहीं देंगे।

Edited By: Abhishek Agnihotri