कानपुर, जागरण संवाददाता। Janmashtami 2022 Bazar News : हिंदू पंचांग के अनुसार शुक्रवार को जन्माष्टमी मनाने के लिए एक दिन पहले गुरुवार को बाजारों में खरीदारी के लिए होड़ मची रही। राजकोट व नाथद्वार से आए कान्हा के नग जड़े मुकुट और शमी पोशाकों की मांग ज्यादा रही तो बांसुरी और मालाएं भी खूब बिकीं।

झांकी को सजाने के लिए जेल में बंद देवकी, सिर पर टोकरी में कान्हा को लेकर जाते वासुदेव, अशोक वाटिका में माता सीता और रावण की झांकियां भी बाजारों में सजी हैं। जन्माष्टमी से पहले भक्तों की भीड़ भी दुकानों पर उमड़ रही है। कान्हा के लिए छोटे-छोटे खिलौने भी दुकानों में मौजूद हैं।

जन्माष्टमी को लेकर विभिन्न प्रकार की सामग्रियों से सजी हैं। इनमें कान्हा की कई तरह की आकर्षक पोशाकें उपलब्ध हैं। इनमें से कई पोशाकें बाहर के शहरों की भी उपलब्ध हैं।

मेटल और नगों के मुकुट तो राजकोट व नाथद्वार से आते हैं, लेकिन कढ़ाई वाले मुकुट शहर में बनते हैं। ये सभी मुकुट छोटी से लेकर बड़ी मूर्ति तक के लिए आते हैं। इसी तरह मेटल के झूले दुकानदारों ने बाहर से मंगाए हैं, जबकि लकड़ी के झूले शहर में ही बर्रा, यशोदा नगर और नौबस्ता क्षेत्रों में बनते हैं। इस वर्ष इनकी कीमत 50 से 500 रुपये तक है।

लड्डू गोपाल की मूर्तियां बाजार में सड़क पर लगी दुकानों से लेकर अच्छे शोरूमों तक में उपलब्ध हैं। ब्रांडेड कंपनियों के शोरूम में इनकी कीमत कई हजार रुपये तक है, वहीं थोक दुकानों में इनकी कीमत तौल के आधार पर तय होती है। बाजार में कान्हा के लिए कैरम, बैट व बाल भी हैं।

इतना ही नहीं प्रभु को गर्मी का अहसास न हो, इसलिए छोटे-छोटे खिलौने रूपी एसी व कूलर भी बाजार में उपलब्ध हैं। इस बार सबसे अच्छा पहलू यह है कि बिक्री बहुत अच्छी है और दुकानों में जमकर खरीदारी हो रही है।

कान्हा की वस्तुएं एक नजर में

  • 40 से 1,000 रुपये तक की पोशाकें।
  • 50 से 700 रुपये तक के मुकुट।
  • 50 से 500 रुपये तक के झूले।
  • 20 से 350 रुपये तक माला की जोड़ी।

-पिछले दो वर्ष से कोरोना के चलते लोग जन्माष्टमी का उत्सव पूरे उत्साह से नहीं मना पा रहे थे। इस वर्ष अच्छी बिक्री हो रही है। -आकाश ओमर, विक्रेता।

-रक्षाबंधन के तुरंत बाद लोग बाजार में कान्हा की पोशाकें खरीदने आ रहे हैं। जन्माष्टमी की तैयारी के लिए सभी कुछ न कुछ खरीद रहे हैं। -नीतू अग्रवाल, विक्रेता।

Edited By: Abhishek Agnihotri