जागरण संवाददाता, कानपुर: एक हफ्ता गुजर जाने के बाद भी जलकल विभाग पी रोड और गांधीनगर में जलभराव का कारण नहीं ढूंढ़ पाया है। चोक सीवर लाइन और लीकेज के चलते मकानों की नींव को भी खतरा बढ़ गया है। अवैध निर्माणों के चलते क्षेत्र की गली पिट और ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त हो चुका है। इसका खामियाजा पी रोड और गांधीनगर के दस हजार से ज्यादा लोगों को उठाना पड़ रहा है।

जलकल विभाग ने चोक सीवर की समस्या के निस्तारण के लिए आठ जनवरी को जरीब चौकी से पीरोड जाने वाली सड़क में लेनिन पार्क चौराहे के पास सड़क खोदी, लेकिन उसे भरना भूल गए। इस रास्ते से रोज दो लाख वाहन चालक और राहगीर गुजरते हैं। आधा रास्ता खोदा पड़ा है। इसमें फंसकर रोज कई दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। सीवर का पाइप लाइन टूटा होने के कारण गड्ढे में पानी भर रहा है। इससे आसपास के मकानों की नीव को खतरा पैदा हो गया है। दो दिन से जलकल का काम भी बंद पड़ा है। गली पिट तोड़ी या भर दी निर्माण सामग्री

पी रोड और गांधीनगर में लोगों ने इमारतों के निर्माण के चलते गली पिट को तोड़ दिया है। निर्माण सामग्री भरने के कारण अब चोक कर गए है। जरीब चौकी से लेनिन पार्क के बीच में कई निर्माण बिना पार्किंग के हुए है। गली पिट टूटी पड़ी है। गांधीनगर में एक पूजा स्थल के पास निर्माण हो रहा है। छज्जा सड़क तक बना लिया है और गली पिट तोड़ दी है। जिम्मेदार विभाग केडीए, नगर निगम और जलकल को नहीं दिखाई दे रहा है। इसी का नतीजा है कि पहले से जर्जर सीवर और ड्रेनेज सिस्टम और ध्वस्त हो गया है। गली पिट तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

जलकल के अवर अभियंता सुशील मौर्य ने बताया कि सीवर लाइन साफ कराई गई है। लेनिन पार्क चौराहे के बीच में पानी फंस रहा है। जेटिग मशीन लगाई गई है। गली पिट और ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त करने वाले अवैध निर्माणों को चिह्नित करके कार्रवाई की जा रही है।

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