फतेहपुर, [विमल पांडेय]। Jagran Vimarsh 2021 गंगा और यमुना को निर्मल बनाने की गूंज जागरण विमर्श में सुनाई पड़ी। सबने एक सुर में कहा कि एकजुटता के साथ जागरूकता जरूरी है। प्रदूषण की गंभीर समस्या जरूर है, लेकिन फतेहपुर में दोनों नदियों की निर्मलता माडल के तौर पर दिखती है। यहां सौ किलोमीटर की दूरी में कहीं प्रदूषण नहीं है। गंदे नाले नहीं गिरते हैं। अब और बेहतरी के लिए प्रोत्साहन धनराशि मिलनी चाहिए। 

विमर्श के उद्घाटन सत्र में प्रदेश के कारागार राज्यमंत्री जय कुमार सिंह जैकी ने कहा कि योगी सरकार ने विकास के कामों में, जो प्रतिबद्धता पांच साल पहले जताई थी, खुशी इस बात की है कि वह सभी पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी अस्पतालों का कायाकल्प हुआ है। संसाधनों में काफी सुधार किया गया है। हर गरीब को बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए सरकार लगातार ङ्क्षचतित है। सरकारी अस्पतालों को नर्सिंग होमों की तर्ज पर बनाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। 

सदर विधायक विक्रम ङ्क्षसह ने कहा कि जिले में मौरंग खनन से मिलने वाले राजस्व का 50 प्रतिशत धन जिले के विकास के लिए खर्च किया जाना चाहिए। इससे त्वरित बदलाव नजर आने लगेंगे। इस धनराशि का अधिकांश हिस्सा गंगा-यमुना के कटरी क्षेत्र के विकास के लिए दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक जिला-एक उत्पाद की तर्ज पर शिक्षा के क्षेत्र में आगे जाने के लिए एक जिला-एक विश्वविद्यालय का संकल्प लिया गया है। इस कार्य को भी मिशन की भांति पूरा कराया जाएगा। कहा कि प्रदेश के विकास के लिए अलग से यूपी फंड बनाने की जरूरत है। इसके लिए सरकारी प्रयास कराए जाएंगे। कहा कि उनका संकल्प है कि जब तक शहरी सुविधाएं गांव तक नहीं पहुंचेंगी, तब तक वह आम जनता व सरकार के मध्य सेतु बनकर काम करते रहेंगे। कहा कि गांवों का पलायन पहले से काफी रुका है। पलायन को 100 प्रतिशत रोकने की दिशा में सरकार काम कर रही है। योगी सरकार विकासपरक मुद्दों में संवेदनशील है।

 जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप ङ्क्षसह ने कहा कि प्रदेश में विकास के आधारभूत ढांचा में सुधार हुआ है। अभी ज्यादा अच्छी स्थितियां लाने के लिए पांच वर्ष और लगेंगे। कहा कि जिला पंचायत में जिले के विकास के लिए जो 25 करोड़ का बजट मिलता था, सरकार ने उसे बढ़ाकर 30 करोड़ कर दिया है। गांव- गांव विकास का मानचित्र तैयार हो चुका है। गांवों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। 

Edited By: Shaswat Gupta