कानपुर, जागरण संवाददाता।  उम्र 75 साल, तन से भले बुजुर्ग हैं, लेकिन मन से युवा हैं। जज्बा एकदम 25 वर्ष की उम्र वाला है। दूर संचार विभाग से सेवानिवृत्ति के बाद भी जोशीले अंदाज में ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखा रहे हैं।

वह उन बुजुर्गों के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो उम्र के आखिरी पड़ाव पर आकर स्वयं को थका-हारा मान लेते हैं। अब भी युवाओं के जैसा कौशल खेल में दिखाते हैं। यह शख्स हैं नौबस्ता क्षेत्र के बसंत विहार के राम गोपाल बाजपेई। वह 2018 से अब तक कई पदक जीत चुके हैं। वर्ष 2024 की प्रतियोगिता के लिए तैयारी में जुटे हैं।  

विद्यार्थी जीवन से ही खेल और शिक्षा के प्रति गंभीर रहे राम गोपाल बाजपेई बताते हैं कि दूर संचार विभाग में बतौर टेलीफोन मैकेनिक नियुक्ति पाकर दायित्वों का निर्वहन करते हुए उपमंडल अधिकारी फोन्स के पद से वर्ष 2007 में सेवानिवृत्त हुए।

सेवानिवृत्ति के बाद फिर से ताइक्वांडो की जानकारी जुटाकर अभ्यास शुरू किया। 2008 से 2015 तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण लेकर 2016 में पहली बार प्रतियोगिता में उतरे। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह कहते हैं कि पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़िए तो उम्र आड़े नहीं आएगी। बुजुर्गों के लिए संदेश है कि युवावस्था से ही व्यायाम करते रहें और खानपान को नियंत्रित रखकर सेहतमंद बने रह सकते हैं।   

ऐसे रखते स्वयं को फिट

राम गोपाल बताते हैं, सूर्योदय से पहले उठते हैं। नित्य क्रिया करके व्यायाम और अभ्यास करते हैं। सुबह नाश्ते में अंजीर, बादाम, अखरोट, काजू व किशमिश एक निश्चित अनुपात में लेते हैं। दोपहर में भोजन के साथ दही या मट्ठा अवश्य लेते हैं। शाम को दलिया लेते हैं और दूध का सेवन करते हैं। सब्जियों में मिर्च-मसाला कम रखने के साथ सेंधा नमक का प्रयोग करते हैं

Edited By: Nitesh Mishra

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