जागरण संवाददाता, कानपुर : रोम की वेटिकन सिटी को देखने मे ढाई घंटा लग गया। उन्होने कुछ खास नही किया बल्कि नाव पर शहर बनाया, पुरानी धरोहरो और चर्च को संरक्षित किया। अपने प्रदेश मे ऐसे कई वेटिकन सिटी समा जाएंगे पर जरूरत है यहां की धरोहर को सहेजने की। हमारी सरकार इसमें रुचि लेगी। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांस्कृतिक मंत्री और पर्यटन मंत्री से बात करूंगा ताकि धन की जरूरत पूरी हो सके। शहर के गौरवशाली इतिहास को हर हाल मे वैभवशाली बनाना है। ये बाते शनिवार को मर्चेट चेबर मे संस्था हमारा कानपुर द्वारा शहर मे पर्यटन की संभावनाओ और चुनौतियो पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कही। उन्होने आश्र्वस्त किया कि शहर को पर्यटन हब बनाने मे जहां भी रोड़ा आएगा, उसे दूर करेगे। शहर को पर्यटन हब बनाने का ताना बाना बुनने वाले यूनिवर्सिटी के टूरिज्म विभाग के एचओडी डॉ. सिधांशु राय ने कहा, लोगो को एक मंच पर लाकर इसकी परिकल्पना तैयार की गई है। वर्ष के प्रत्येक माह मे तीन से पांच दिवसीय उत्सव का आयोजन होगा। मार्च मे वेबसाइट लांच होगी, जिसमें सभी पर्यटन स्थलो की जानकारी होगी। कार्यक्रम का संचालन अभिनव तिवारी और धन्यवाद अनूप द्विवेदी ने किया। आइएम रोहतगी, डॉ. प्रदीप दीक्षित, डॉ. अवध दुबे, फीटा महासचिव उमंग अग्रवाल, शेष नारायण त्रिवेदी, डॉ. ओम प्रकाश आनंद, अंकुल मल्होत्रा, अनुराग धवन, डॉ. वारसी सिंह ने भी शहर मे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने विचार रखे। ------- किसने क्या कहा बदलते वक्त के साथ कानपुर बदला है। इसे अभी और बदलना है। धार्मिक, पौराणिक और एतिहासिक धरोहरो को संजोकर हम नया कानपुर बनाएंगे। प्रमिला पांडेय, महापौर शहर मे पर्यटन की अपार संभावनाएं है। इसके बढ़ने से अर्थव्यवस्था और सुदृढ़ होगी। सटीक योजना से पर्यटन हब की कल्पना निश्चित साकार होगी। अरुण पाठक, एमएलसी -------- पर्यटन स्थल बनाने को मिले सुझाव -गंगा बैराज मे एक से डेढ़ किमी के स्थल को विकसित करने, स्टीमर चलाने, रेस्टोरेट, वाटर स्कूटर्स, खेने वाली नाव चलाने का सुझाव दिया गया -बिठूर के एतिहासिक स्थलो को सहेजने, संवारने और बिठूर दर्शन की शुरुआत ------- इन पौराणिक स्थलो को सहेजने का सुझाव -भीतर गांव का गुप्तकालीन मंदिर -निबियाखेड़ा मे दसवी सदी का मंदिर -बेहटा बुजुर्ग का दशावतार मंदिर -मूसानगर मे बना मुक्तादेवी मंदिर -कुड़हा का कूष्मांडा देवी मंदिर -द्रविड़ शैली मे बना शिवाला मंदिर