कानपुर, जागरण संवाददाता। घाटमपुर साढ़ हादसे में जहां 26 लोगों की जान चली गई थी। वहीं उसी दिन चकेरी में हुए हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने बाकी घायलों को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार के बाद बुधवार को चकेरी हादसे में गंभीर रूप से घायल महिला भी जिंदगी की जंग हार गई। 

इस हादसे में अभी तक सात लोगाें की मौत हो चुकी है। इस हादसे ने दो परिवार के बच्चों को अनाथ कर दिया है। रिश्तेदार बच्चों को लेकर काफी चिंता में हैं। प्रशासन से मृतक व घायल परिवारों को आर्थिक मदद न मिलने से लोगों में नाराजगी भी है।

नाैबस्ता उस्मानपुर निवासी 40 वर्षीय खराद कारीगर सुनील कुमार तीन वर्षीय प्रिशा का मुंडन कराने शनिवार देर रात पत्नी रेनू, बड़ी बेटी प्रिया, बेटा प्रिंस, मां तारावती उर्फ रामा, बहन गुड़िया, गुड़िया का बेटा प्रथम, साली कशक उर्फ कशिश, साला आकाश, रिश्तेदार रीता, पुष्पा, गुड्डी समेत 15 लोग मूलरूप से बलरामपुर निवासी पिकअप चालक आशीष कश्यप की लोडर से विंध्याचल धाम जा रहे थे।

अहिरंवा एलीवेटेड हाईवे पर टायर पंचर हो गया था। पहिया बदलने के दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने लोडर में टक्कर मार दी। जिससे लोडर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन पर पहुंच गया था। हादसे में मौके पर ही सुनील, तारावती, गुड़िया,कशक और आशीष की मौत हो गई थी। चकेरी पुलिस ने 11 घायलों को एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार को इलाज के दौरान 55 वर्षीय रीता देवी की मौत हुई थी।

बुधवार दोपहर मृत सुनील की पत्नी रेनू ने भी दम तोड़ दिया। इस हादसे में गुड़िया के छह बच्चे और सुनील के तीन बच्चे अनाथ हो गए हैं, जिनकी परवरिश को लेकर रिश्तेदारों में चर्चा होती रही। पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को रेनू का शव बाकरगंज कब्रिस्तान में दफनाया गया।

Edited By: Abhishek Agnihotri

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