कानपुर, जागरण संवाददाता। उमस भरी गर्मी से सोमवार को एलएलआर और उर्सला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों का तांता लगा रहा। इसमें हीट स्ट्रोक, डायरिया, किडनी और फूड प्वाइजनिंग के मरीज रहे। हीट स्ट्रोक, डायरिया और किडनी फेल होने से बच्चे समेत पांच ने दम तोड़ दिया। देर रात तक गर्मी से बीमार 79 मरीज एलएलआर अस्पताल और उर्सला इमरजेंसी में भर्ती हुए हैं। 

रावतपुर निवासी चार वर्षीय शिवाय को डायरिया था। इलाज के दौरान निमोनिया का संक्रमण हो गया और एलएलआर अस्पताल में बच्चे ने दम तोड़ दिया। इसी तरह मछरिया निवासी 47 वर्षीय आयुष और सजेती के 67 वर्षीय अनिरुद्ध लाल की हीट स्ट्रोक के चलते जान चली गई। शुक्लागंज की 56 वर्षीय सरोजनी देवी किडनी रोग से पीड़ित थीं। एलएलआर अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, उर्सला में 89 वर्षीय बृजलाल सोनकर को डायरिया होने पर भर्ती कराया गया था। संक्रमण बढ़ने से सेप्टीसीमिया में चले गए और उन्हें बचाया नहीं जा सका। एलएलआर के प्रमुख अधीक्षक प्रो. आरके मौर्या का कहना है कि गर्मी की वजह से मरीजों का दबाव बढ़ गया है। वहीं, उर्सला के सीएमएस डा. अनिल निगम का कहना है कि गर्मी में बीमारियां फैलने से मरीज की संख्या बढ़ने लगी है। 

फूड प्वाइजनिंग के नौ मरीज भर्ती

एलएलआर अस्पताल में फूड प्वाइजनिंग के नौ मरीज भर्ती हुए हैं। बाहर का खाना खाने से इन्हें परेशानी हुई है। सभी को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। डाक्टरों ने उमस भरी गर्मी में बाहर का खाना खाने से बचने की सलाह दी है।

Edited By: Abhishek Verma