कानपुर, जागरण संवाददाता। रमईपुर में प्रस्तावित मेगा लेदर क्लस्टर की बाधा दिसंबर में दूर हो जाएगी और इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। उद्योग विभाग (लघु  सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम विभाग) को दिसंबर में मेगा लेदर क्लस्टर डेवलपमेंट यूपी लिमिटेड को प्रशासन से ग्रमा समाज की सुरक्षित श्रेणी की भूमि आवंटित करा देगा और उद्यमियों द्वारा किसानों से साढ़ गांव में खरीदी गई भूमि प्रशासन को ग्राम समाज में निहित करने के लिए उपलब्ध करा देगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दिसंबर में उद्योग विभाग की ओर से राजस्व विभाग के सहयोग से प्रस्ताव तैयार कर उसे कैबिनेट के पास भेजा जाएगा और वहां से मंजूरी मिलते ही भूमि की अदला- बदली की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल को जल्द ही प्रशासन भूमि की अदला- बदली से जुड़ा प्रस्ताव भेजेगा।

लेदर क्लस्टर की स्थापना में उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण सहयोग कर रहा था। प्राधिकरण ने ही प्रशासन से रमईपुर में 42.02 हेक्टेयर भूमि जो ग्राम समाज की सुरक्षित श्रेणी की थी उसे कंपनी को आवंटित कराया था, लेकिन अब ग्राम की सुरक्षित श्रेणी की भूमि का आवंटन उद्योग विभाग कराएगा। इसी लिए अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने कहा है कि जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाए ताकि जरूरी औपचारिकता को पूरा कराया जा सके। रमईपुर में 22 हेक्टेयर भूमि उद्यमियों ने किसानों से खरीदा था,जबकि 35.238 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज की सुरक्षित श्रेणी की है। यह भूमि प्रशासन से उद्यमी लेंगे और उसके बदले में साढ़ गांव में भूमि प्रशासन को देंगे। रमईपुर गांव सदर तहसील और साढ़ गांव नर्वल तहसील में है। दो तहसीलों में भूमि होने की वजह से ही अदला- बदली में दिक्कत आ रही है और अब इस दिक्कत को दूर  करने के लिए तय किया गया है कि भूमि पहले उद्योग विभाग को प्रशासन देगा और फिर उद्योग विभाग उसे कंपनी को आवंटित करेगा। आवंटन का कार्य तभी हो सकेगा जब कैबिनेट अदला- बदली की प्रक्रिया को मंजूरी देगा। उद्योग विभाग के एक अफसर के मुताबिक दिसंबर में कैबिनेट की मंजूरी मिल जाएगी।

Edited By: Abhishek Agnihotri