कानपुर, जेएनएन। दीपावली का त्योहार अगले माह है। इसके बाद छठ का पर्व मनाया जाएगा। ऐसे दूसरे प्रदेशों में काम करने वालों की घर वापसी बड़ी संख्या में होती है। यात्री लोड इस कदर बढ़ता है कि ट्रेनें कम पड़ जाती हैं। हर बार होने वाली इस समस्या के निदान के लिए रेलवे स्पेशल ट्रेनें चलाता है। इस बार भी रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाने की शुरुआत कर दी है।

बिहार, गोरखपुर, पश्चिम बंगाल में रहने वाले ज्यादातर लोग मुंबई, गुजरात और दिल्ली जैसे बड़े प्रदेशों में काम करने जाते हैं। दीपावली और छठ पर यह लोग अपने घरों को वापस लौटते हैं। रेलवे अधिकारी मानते हैं कि आम दिनों की तुलना में त्योहार पर यात्री लोड दस गुना तक बढ़ जाता है। इसे देखते हुए रेलवे ने अपनी तैयारी की है। रेलवे ने मंगलवार को बांद्रा, मऊ, सूबेदारगंज के लिए छह स्पेशल ट्रेन चलाने की अनुमति दी है। अधिकारी बताते हैं कि आने वाले समय में जिन रूट पर मांग होगी, वहां ट्रेनों की संख्या बढ़ायी जाएगी।

मुंबई से बिहार पर लोड अधिक

छठ पर्व पर मुंबई से गोरखपुर, बस्ती, बिहार जाने वाली ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं होती है। दरअसल इस रूट पर ट्रेनों की संख्या करीब एक दर्जन है। कोविड के चलते इनकी संख्या में बढ़ोत्तरी भी नहीं हो रही है। जिसके चलते पुष्पक एक्सप्रेस, गोरखपुर पनवेल, गोरखपुर एलटीटी, गोरखपुर बांद्रा टर्मिनल, छत्रपति शिवाजी टर्मिनल स्पशेल ट्रेनों में अभी से ही सीटें फुल चल रही हैं।

गुजरात के लिए भी चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

पटना से अहमदाबाद के लिए अभी गिनी चुनी ट्रेनें ही चलायी जा रही हैं। ऐसे में वहां से वापसी के लिए लोगों को ज्यादा परेशान होना पड़ता है। वाया कानपुर सेंट्रल होकर जाने वाली कामाख्या, भावनगर आसनसोल, अहमदाबाद वाराणसी की ट्रेनों में अभी से सीटें फुल हो चुकी हैं। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह बताते हैं कि हर वर्ष त्योहार पर यात्रियों की जरूरत को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलायी जाती हैं। इस बार भी आरक्षण की स्थिति को देखते हुए ट्रेनें संचालित की जाएंगी। यात्रियों को किसी तरह की समस्या यात्रा में नहीं होगी, रेलवे इसका पूरा ख्याल रख रहा है।

बांद्रा, सूरत के लिए शुरू हुईं ट्रेनें

रेलवे ने बांद्रा, सूरत, सूबेदारगंज और मऊ के लिए छह स्पेशल ट्रेन चलाने की अनुमति सोमवार को दी है। यह ट्रेनें 23 अक्टूबर से शुरू होंगी और 26 नवंबर तक चलायी जाएंगी। रेलवे ने इन ट्रेनों की शुरूआत के साथ ही आरक्षण की सुविधा यात्रियों को दी जिसका असर भी दिखायी दिया और दो दिन में ही आधे से ज्यादा सीटें फुल हो गईं।

दिल्ली के लिए पांच दर्जन से ज्यादा ट्रेनें

दिल्ली हावड़ा रूट पर पांच दर्जन से ज्यादा ट्रेनों का संचालन होता है। ऐसे में इस रूट पर आने जाने वाले यात्रियों को सामान्य दिनों में परेशानी नहीं होती है लेकिन त्योहार पर यहां भी आरक्षण बामुश्किल ही मिलता है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली रूट पर ट्रेनों का अधिक संख्या में संचालन हो रहा है इसलिए यहां कोई समस्या नहीं आएगी फिर कोई दिक्कत हुई तो रेलवे स्पेशल ट्रेनों की संख्या यहां भी बढ़ाएगा।

Edited By: Abhishek Agnihotri