फर्रुखाबाद, जेएनएन। असम के लिए 220 टन आलू लेकर दूसरी किसान रेल मंगलवार मध्य रात्रि रवाना हो गई। पार्सलघर के वाणिज्य अधीक्षक अजय शंकर त्रिपाठी के मुताबिक 12 बोगियों और दो एसएलआर में आलू भेजा गया। ट्रेन का भाड़ा करीब साढ़े पांच लाख रुपये है। इससे पहले दोपहर बाद किसान रेल में शुरू हुआ आलू लोडिंग का काम देर रात तक चला। एक अन्य किसान रेल भी उपलब्ध हो गई तो बुधवार को उसमें लोडिंग होगी।गांव अमृतपुर निवासी सुरेंद्र कुमार ने गत सप्ताह असम के रेलवे स्टेशन जोराहाट टाउन के लिए किसान रेल की बुकिंग कराई थी। मंगलवार सुबह माल गोदाम की पटरी नंबर दो पर रेल आकर खड़ी हो गई। दोपहर बाद ट्रेन में आलू की लोडिंग शुरू करा दी गई। रेल में सुरेंद्र कुमार के अलावा गांव मदनापुर के बच्चू सिंह, अदिउली के सुखराम पाल सिंह, अलीदादपुर के शैलेंद्र सिंह, शंकरपुर के वीरेश कुमार, अजय कुमार, अशोक, राजेश कुमार, साहिबाबाद के हरिओम राजपूत, पिपरगांव के बदन सिंह यादव, नगला उम्मीद के रामनिवास का आलू लोड किया गया। पार्सलघर के वाणिज्य अधीक्षक  ने बताया कि गांव जसूपुर भरखा निवासी रामलखन सिंह ने भी 22 सितंबर के लिए किसान रेल बुक कराई है। रात में यदि किसान रेल उपलब्ध हो गई तो आलू की लोडिंग बुधवार को कराई जाएगी। 

भाव अच्छा मिलने से किसान रेल बुकिंग की होड़ : पहली बार 15 सितंबर को किसान रेल से असम के लिए आलू भेजा गया था। चौथे दिन आलू की बिक्री भी हो गई थी, जिससे 1500 से 1550 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिला था। इसी वजह से अब किसानों में रैक लोङ्क्षडग की होड़ लग गई है। गांव चौकी महमदपुर निवासी उन्नतिशील किसान नारद ङ्क्षसह की अगुवाई में 12 किसानों ने 24 सितंबर, चार अक्टूबर, 14 अक्टूबर, 24 अक्टूबर व चार नवंबर को किसान रेल की मांग की है। चार अन्य लोगों ने भी रेलवे स्टेशन के पार्सलघर में संपर्क किया है। वाणिज्य अधीक्षक ने बताया कि दो दर्जन से अधिक किसान रेल लोड होने की संभावना लग रही है। रेल उपलब्धता के आधार पर लोङ्क्षडग कराई जाएगी। 

लोडिंग से नहीं बढ़ा भाव : आसाम के लिए किसान रेल की लोडिंग होने से कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी तो बढ़ गई है, लेकिन भंडारण करने वाले छोटे किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। मंगलवार को भी सामान्य आलू 280 से 350 रुपये पैकेट (50 किलो) के हिसाब से ही बिक्री हुई, जबकि बीज का आलू 400 रुपये पैकेट बिक रहा है। 

Edited By: Shaswat Gupta