कानपुर, जेएनएन। बिठूर में ट्रेन दौड़ाने के लिए परिवर्तन के बाद ट्रैक का मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) के द्वारा किए जाने वाला सर्वे पूरा हो चुका है। अब जल्द ही इलेक्ट्रिक लाइन का सर्वे सीआरएस द्वारा किया जाएगा। इसके लिए तिथि निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। बिठूर तक पूर्वोत्तर रेलवे ने बड़ी लाइन बिछाने का निर्णय दिसंबर 2015 में लिया था। जिसके बाद यहां की छोटी लाइन को हटाकर अमान परिवर्तन किया गया। तीन साल के भीतर यह काम पूरा हो गया। चूंकि कासगंज अनवरगंज तक इलेक्ट्रिक लाइन की जा रही है, इसलिए रेलवे ने मंधना से बिठूर तक लाइन को भी इलेक्ट्रिक कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक मार्च के अंत तक सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद ट्रेन चलाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

छह डिब्बों की ट्रेन को मिल सकती है अनुमति

इलेक्ट्रिक लाइन का सीआरएस सर्वे होने के बाद अप्रैल माह से यहां कम से कम छह डिब्बों की ट्रेन को अनुमति दी जा सकती है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक यात्री लोड की संभावनाओं को देखते हुए ट्रेन चलायी जाएगी। बता दें नवंबर 2005 तक यहां छोटी लाइन पर ट्रेन का संचालन होता था।

15 नवंबर 2005 को चली थी अंतिम ट्रेन

श्री ब्रह्मावर्त विकास एवं जनकल्याण समिति के अध्यक्ष सूबेदार पांडेय बताते हैं कि यहां 15 नवंबर 2005 को अंतिम ट्रेन चली थी, जो छह डिब्बों की थी। यह ट्रेन बिठूर से मंधना, रावतपुर, अनवरगंज होते हुए सेंट्रल तक जाती थी।

इनका ये है कहना 

इलेक्ट्रिक लाइन का सीआरएस सर्वे किया जाना है। तारीख तय नहीं है, लेकिन जल्द ही इस कार्य को पूरा किया जाएगा। यात्री लोड का आकलन करने के बाद ट्रेन चलायी जाएगी।  -राजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल