कानपुर, जेएनएन। रेलवे अभी तक व्यापारियों को माल बुकिंग की सुविधा देता था। छोटे पार्सल की बुकिंग की सुविधा आम लोगों को भी थी लेकिन अक्सर समय से बुक माल गंतव्य तक न पहुंचने और रास्ते में गुम हो जाने की शिकायतों के चलते आम आदमी पार्सल भेजने से डरता है। अब रेलवे ने आम लोगों का पार्सल समय से गंतव्य तक पहुंचाने की कवायद शुरू की है।

पार्सल बुकिंग के साथ ही लोगों को बीमा और तय तिथि में गंतव्य तक पार्सल पहुंचाने का आश्वासन मिलेगा। इसके लिए रेलवे क्षेत्रीय स्तर पर बुकिंग एजेंट तैनात कर रहा है ताकि लोगों को क्षेत्र में ही माल बुक कराने की सुविधा मिल सके। इसका फायदा जहां आम आदमी को मिलेगा वहीं कुरियर कंपनियों के लिए यह चुनौती भी साबित होगा। क्योंकि रेलवे से माल बुक कराना कुरियर कंपनियों की तुलना में सस्ता पड़ेगा। रेलवे के आर स्केल में दिल्ली तक दस किग्रा वजन का पार्सल 23 रुपये में पहुंच जाएगा जबकि कुरियर कंपनियों में यही पार्सल 100 रुपये से अधिक कीमत में पहुंचेगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पार्सल से आय बढ़ाने की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है।

नयागंज व रिजवी रोड पर थी एजेंसी : अभी तक नयागंज और रिजवी रोड पर रेलवे की दो एजेंसियां पार्सल बुकिंग के काम में लगी थीं। इन दोनों की लाइसेंस अवधि समाप्त हो चुकी है। इसे पुन: शुरू करने के लिए कवायद चल रही है। साथ ही छह नई एजेंसियां चिह्नित की गईं हैं। इसमें अनवरगंज के अधीन दादा नगर और पनकी में खोली जाने वाली एजेंसियां होंगी जबकि सेंट्रल स्टेशन के अधीन रूमा, जाजमऊ, नौबस्ता और यशोदा नगर में खोली जाने वाली एजेंसियां होंगी।

एजेंसी संचालक को मिलेगा आठ रुपये : रेलवे के लिए पार्सल बुक करने वाले एजेंसी संचालकों को कार्टेज चार्ज के रूप में आठ रुपये प्रति 40 किग्रा पर मिलेगा। एजेंसी को पैसा माह के अंत में कुल वजन के हिसाब से रेलवे वापस करेगा। पार्सल की बुकिंग रेलवे नियमों के मुताबिक होगी। इसमें ट्रेन की स्थिति, गंतव्य की दूरी और वजन के हिसाब से कीमत तय होगी।

तीन स्तर पर हो सकेगी बुकिंग : सहायक वाणिज्य प्रबंधक संतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे ट्रेनों की स्थिति के अनुसार तीन स्तर पर पार्सल बुकिंग करता है। इसमें राजधानी, प्रीमियम और स्टैंडर्ड ट्रेनों के आधार पर पार्सल बुक होगा। राजधानी को आर स्केल, प्रीमियम को पी स्केल और स्टैंडर्ड को एस स्केल के पैमाने में रखकर पार्सल बुक किया जाएगा जिसके हिसाब से कीमत कम और ज्यादा होगी।

-दो एजेंसियां पहले से चल रहीं थी अब छह और एजेंसियों के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं। पार्सल से आय बढ़ाने की दिशा में रेलवे का यह कदम महत्वपूर्ण है। -हिमांशु शेखर उपाध्याय, डिप्टी सीटीएम कानपुर सेंट्रल

Edited By: Abhishek Agnihotri