कानपुर, जेएनएन। अब मुंबई जाने वाले यात्री दो घंटे पहले ही अपना सफर पूरा कर सकेंगे क्योंकि कानपुर से झांसी रूट पर डबल लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू हाेने जा रहा है। झांसी रूट पर अभी तक सिंगल लाइन होने से यहां ट्रेनें हमेशा फंसती थीं। अब इस रूट के दोहरीकरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। 29 सितंबर तक इंटरलाकिंग का काम भी पूरा हो जाएगा। इसके बाद कानपुर से झांसी के बीच ट्रेनें निर्बाध रूप से चलेंगी, जिससे सेंट्रल स्टेशन से मुंबई के बीच की दूरी लगभग दो घंटे कम समय यानी 25 के बजाय 23 घंटे में ही पूरी हो जाएगी।

इस रूट पर यात्री लोड अधिक है, जिसके चलते ट्रेनों का लोड भी ठीक ठाक है। सामान्य दिनों में इस रूट से 80 से अधिक ट्रेनें संचालित की जाती थीं। कोविड के चलते ट्रेनों की संख्या कम हुई है। ऐसे में इस रूट का दोहरीकरण होने का सबसे बड़ा फायदा शहरवासियों को मिलेगा। अभी तक सिंगल रूट होने से मेमू नहीं चलाई जा रही है जबकि लोड काफी है। दोहरीकरण के बाद अब रेलवे मेमू का संचालन शुरू करेगा, जिसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। एक्सप्रेस ट्रेनें भी बढ़ाई जाएंगी।

मुंबई, पुणे ही नहीं दक्षिण भारत भी जाती हैं ट्रेनें

झांसी रूट पर मुंबई और पुणे की करीब डेढ़ दर्जन ट्रेनें संचालित होती हैं, जबकि दक्षिण भारत की तरफ भी ट्रेनें इसी रूट से आती जाती हैं। रेल लाइन का दोहरीकरण और इंटरलाकिंग के बाद लंबी दूरी की इन ट्रेनों को एक के पीछे एक आसानी से दौड़ाया जा सकेगा।

अभी देरी से चल रही हैं ट्रेनें

झांसी कानपुर के बीच चौरा-पुखरायां-मलासा स्टेशन के बीच इंटरलांकिंग का काम चल रहा है। यह जल्दी पूरा हो, इसलिए काम तीन शिफ्टों में कराया जा रहा है। 29 सितंबर तक काम पूरा होना है। ऐसे में इस रूट से आने वाली एलटीटी गोरखपुर, एलटीटी लखनऊ, पनवेल गोरखपुर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें आगरा, टूंडला होते हुए कानपुर सेंट्रल आ रहीं हैं। बदले रूट के चलते ट्रेनों को दो से तीन घंटे अधिक यानी 27 से 28 घंटे समय लग रहा है।

-झांसी रूट का दोहरीकरण और इंटरलाकिंग का काम पूरा होते ही कानपुर से मेमू चलाने का रास्ता साफ हो जाएगा। काम पूरा होते ही मेमू पर निर्णय लिया जाएगा। -अमित कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी प्रयागराज मंडल

Edited By: Abhishek Agnihotri