कानपुर, जागरण संवाददाता। Indian Railway News : वंदेभारत, राजधानी एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) जैसी ट्रेनों में शराब पकड़े जाने के बाद रविवार को दरभंगा क्लोन एक्सप्रेस (Darbhanga Clone Express) पर बाकायदा बार चलता मिला। सेंट्रल स्टेशन (Kanpur Central Railway Station) के प्लेटफार्म नंबर सात पर ट्रेन पहुंचते ही घेराबंदी कर जांच के दौरान तीन वातानुकूलित कोचों में 150 बोतल शराब बरामद हुई। तीन कोच अटेंडेंट गिरफ्तार किए गए हैं। पैंट्री कार मैनेजर को भी शक के घेरे में लेकर जांच की जा रही है।

दिल्ली से दरभंगा जा रही क्लोन एक्सप्रेस शाम करीब सवा छह बजे सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर सात पर पहुंची। जीआरपी को सूचना मिली की ट्रेन के अंदर शराब पिलाई जा रही है। इसपर जीआरपी थाना प्रभारी आरके द्विवेदी के नेतृत्व में छापेमारी की गई। ट्रेन के कोच संख्या बी-3, सात व नौ में कोच अटेंडेंट पवन, रंजीत और गोलू मांग के हिसाब से यात्रियों को शराब आपूर्ति करते पकड़े गए।

इसके बाद पैंट्री कार से 150 बोतल शराब मिली। कोच अटेंडेंट से पूछताछ में पता चला है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में अर्से से शराब की आपूर्ति की जा रही है। जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि लगातार ट्रेनों की जांच करके कार्रवाई की जा रही है।

सेंट्रल स्टेशन में पहुंचा रहे शराब की खेप, अतिरिक्त वसूली

सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेनों के पहुंचने पर कई आपूर्तिकर्ता शराब की खेप पहुंचा रहे हैं। प्रतिदिन हजारों बोतल शराब की खपत अलग-अलग ट्रेनों में हो रही है। आरपीएफ, जीआरपी से लेकर रेलवे कर्मी तक मिले हुए हैं। जब दबाव पड़ता तो कार्रवाई करके इतिश्री कर ली जाती है। ट्रेनों में तय दाम से डेढ़ से दोगुणा तक में शराब बेची जाती है।

जूस और मट्ठा के कैरेट में भरकर पहुंचाते शराब

पकड़े गए कोच अटेंडेंट ने पूछताछ में बताया है कि जूस और मट्ठा के कैरेट में भरकर शराब ट्रेनों तक पहुंचाई जाती है। इससे आइआरसीटीसी की ओर से निर्धारित ठेकेदारों की भोजन व नाश्ता आपूर्ति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

तीन माह में चार बार पकड़ी शराब

बीते तीन महीने में वंदे भारत, राजधानी, बिहार संपर्क क्रांति समेत ट्रेनों में चार बार शराब की खेप पकड़ी जा चुकी है। सेंट्रल स्टेशन के बाहर भी शराब की खेप लेकर पहुंचे बिचौलियों को दबोचा जा चुका है।

Edited By: Abhishek Agnihotri

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