कानपुर, जेएनएन। एक ओर गरीबों और जरूरतमंदों को सरकार और समाजसेवी खाना और राशन पहुंचा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रेलवे स्टेशन की सफाई करने वाले कर्मचारियों के परिवार भूखे पेट सोने को मजबूर हैं। उनके घरों में चूल्हे ठंडे पड़े हैं और हालात यह हो गए है किए एक टाइम का खाना भी मिलना मुश्किल हो रहा है। मुसीबत के मारे सफाई मजदूरों ने गुरुवार की सुबह सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर धरना शुरू कर दिया है, खास बात यह रही कि सभी ने फिजिकल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया।

दो माह से नहीं मिला वेतन

सफाई मजदूरों ने बताया कि सेंट्रल स्टेशन पर साफ सफाई का ठेका सेंगर सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के पास है। कंपनी के दो सौ से अधिक कर्मचारी कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर काम करते हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रधानमंत्री ने किसी का वेतन न रोकने के आदेश दिए है लेकिन कंपनी के मैनेजर प्रतीक अवस्थी वेतन का भुगतान नहीं कर रहे। उन्हें दो माह से वेतन नहीं नहीं मिला है, इसके बावजूद वह स्टेशन पर काम कर रहे हैं। लॉकडाउन के बीच वेतन न मिलने से घरों में चूल्हे नहीं जल रहे हैं और परिवार को दो टाइम खाना खिलाना भी मुश्किल हो रहा है।

धरने में किया शारीरिक दूरी का पालन

कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी ने अभी तक न ही ड्यूटी कार्डों का नवीनीकरण किया गया है। वेतन मिलने की आस में प्रतिदिन ड्यूटी आते हैं और पुलिस की मार भी खानी पड़ती है। गुरुवार को वेतन न मिलने पर दो सौ से अधिक सफाई कर्मी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पहुंचे, जहां गार्ड लॉबी के पास शारीरिक दूरी का पालन करते हुए धरना दिया। रेलवे कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दी तो कंपनी मैनेजर ने जल्द वेतन का भुगतान करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।

Posted By: Abhishek Agnihotri

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस