कानपुर, जेएनएन। आयकर विभाग कोरोना की चपेट में आकर जान गंवाने वाले अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के आश्रितों का जीवन ठीक से चलता रहे, इसके लिए जल्द ही मृतक आश्रित के तौर पर नौकरी देगा। इसके लिए आयकर ने देश भर में ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वजनों से जल्द से जल्द फार्म भरवाने के लिए कहा है।

आयकर विभाग के मानव संसाधन विभाग निदेशालय के संयुक्त निदेशक शिबांका दास बिस्वास ने सभी प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त को निर्देश जारी किए हैं। कोरोना के दौरान आयकर विभाग ने अपने 100 से अधिक अधिकारी व कर्मचारी खोए हैं। इतनी बड़ी सख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों के निधन पर आयकर विभाग ने खुद ही आगे बढ़ते हुए सभी प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त को अपने क्षेत्र में ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों के स्वजनों से जल्द ही संपर्क कर कागजी कार्यवाही पूरी कराने के लिए कहा है ताकि वे जल्द से जल्द इस कार्य को आगे बढ़ा सकें। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड भी इसकी अनुमति दे चुका है।

आयकर विभाग के मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी निर्देश में इस पर भी चिंता जाहिर की गई है कि कई अधिकारी और कर्मचारी अपने घर में आजीविका चलाने वाले अकेले थे। उनके परिवार में कोई और किसी भी नौकरी में नहीं था। ऐसे परिवारों पर बड़ा झटका है। विभाग ने जिन अधिकारियों व कर्मचारियों का निधन हो चुका है, उनके सभी बेनीफिट और पेंशन भी तुरंत जारी करने के लिए कहा है।

इस संबंध में पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के आयकर राजपत्रित अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष अरविंद त्रिवेदी ने कहा कि पिछले दिनों ही सौ से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों की एक सूची जारी की गई थी। यह एक महामारी है, इसलिए इसमें मृतक आश्रितों पर नियुक्ति पर पांच फीसद की सीलिंग ना लगाई जाए और सभी के आश्रितों को नौकरी दी जाए। इसके अलावा जो लोग ठीक हो चुके हैं वे इस समय जो बीमार हैं, उन्हें प्लाज्मा दें।