फर्रुखाबाद, जागरण संवाददाता। गिरोह बनाकर लूटपाट करने के आरोप मेंं पांच वर्ष पूर्व युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में गैंगस्टर न्यायालय के विशेष न्यायाधीश नरेंद्र प्रकाश ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कैद के भी आदेश दिए हैं। 

मेरापुर थाने में तैनात तत्कालीन थाना प्रभारी मोहम्मद आसिफ ने 25 अप्रैल 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें कहा था कि वह पुलिस टीम के साथ गश्त पर थे। इसी बीच उन्हें सूचना मिली कि कुछ बदमाश लूट की योजना बना रहे हैं। जब उन्होंने मौके पर दबिश दी तो गांव सिठौली निवासी रामू व एक अन्य अरोपित पकड़े गए। रामू के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज थे। रामू एक संगठित गिरोह चलाकर लूट की घटनाओं को अंजाम देता है। इससे क्षेत्र में भय व्याप्त है। इस मामले में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद मुकदमे की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजन अधिकारी शैलेश कुमार ङ्क्षसह, भानु प्रकाश मिश्रा व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने रामू को गैंगस्टर में दोषी करार दिया है। अभियुक्त को तीन वर्ष कारावास के अलावा पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त कैद के आदेश दिए गए हैं। 

Edited By: Shaswat Gupta