विक्सन सिक्रोडि़या, कानपुर : देश को वैज्ञानिक, टेक्नोक्रेट व विषय विशेषज्ञ देने वाला आइआइटी अब ग्लाइड पायलट भी तैयार करेगा। एयरोस्पेस इंजीनिय¨रग के छात्रो से लेकर विभिन्न क्षेत्रो के युवा यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेगे। प्रवेश के लिए नियम बनाए जा रहे है। शर्ते पूरी करने पर ग्लाइडर उड़ाने के प्रशिक्षण के लिए चुने हुए अभ्यर्थियो को प्रवेश दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण 50 घंटे का होगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अभ्यर्थियो की परीक्षा ली जाएगी। उसमे सफल होने पर ग्लाइडर उड़ाने का लाइसेस मिलेगा। इस नए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम व लाइसेस के लिए आइआइटी को नागरिक उड़ान नियमो को लागू करने वाले प्रमुख नियामक सगठन 'डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन' (डीजीसीए) से अनुमति मिल गई है। यह संगठन विमान चालक, विमान रखरखाव इंजीनियर व उड़ान इंजीनियर को लाइसेस जारी करता है। देशभर के छात्रो की प्रयोगशाला बना आइआइटी : देश भर के कालेजो से एयरोस्पेस इंजीनिय¨रग की पढ़ाई करने वाले छात्रो को आइआइटी की फ्लाइट लेबोरेट्री मे प्रशिक्षण दिया जाता है। इनमे नामी गिरामी तकनीकी कालेजो के अलावा उन आइआइटी के छात्र भी आते है, जहां फ्लाइट लेबोरेट्री नही है। छात्र यहां टेक आफ, क्लाइंबिंग, लैडिंग व टर्निग समेत अन्य तकनीकी बारीकियां सीखते है। एयर क्राफ्ट की तकनीक समझने व प्रयोगात्मक अध्ययन के लिए देश भर से करीब 40 कालेजो के नौ सौ से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतिवर्ष प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए आ रहे है। ग्लाइडर व एयर क्राफ्ट उड़ाने के अलावा आधुनिक एयर क्राफ्ट के निर्माण व उसमे आने वाली नई तकनीक के बारे मे भी बताया जाता है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रो को आइआइटी प्रमाण पत्र भी देता है, जो उनकी बीटेक की डिग्री मे चार चांद लगाता है। अब ग्लाइडर उड़ाने का प्रशिक्षण व लाइसेस भी आइआइटी देगा। फ्लाइट लेबोरेट्री मे छह सीटर विमान आइआइटी की फ्लाइट लेबोरेट्री करीब 58 वर्ष पुरानी है। यहां करीब एक किमी. की एयर स्टि्रप है। यहां पर तीन एयर क्राफ्ट, दो ग्लाइडर व आधा दर्जन विमान के अलावा दो सीटर व छह सीटर समेत अन्य विमान भी शामिल है। आइआइटी मद्रास, आइआइटी बाबे, आइआइटी खड़गपुर व पंजाब इंजीनिय¨रग कालेज (पीईसी) चडीगढ़ समेत अन्य दूसरे सस्थानो मे एयरोस्पेस इजीनियरिग का बीटेक कोर्स संचालित हैं। ''अगले महीने ग्लाइडर पायलट का प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए रखी गई योग्यता की जानकारी जल्द ही वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी।' - प्रो. एके घोष, फैकल्टी इंचार्ज फ्लाइट लेबोरेट्री आइआइटी