कानपुर, जागरण संवाददाता। देश भर में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर 25 जनवरी को चरम पर थी और अब उम्मीद है कि लगातार संक्रमित होने वाले मामलों में कमी आएगी।। एक माह बाद 25 फरवरी तक कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या घटकर प्रति दिन 10 हजार से भी कम हो जाएगी। यह कहना है पद्मश्री से सम्मानित आइआइटी के प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल का।

प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने अपने गणितीय सूत्र माडल के आधार पर अब तक कोरोना संक्रमण के मामलों का अध्ययन करने के बाद शुक्रवार को नया आकलन प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि अब पूरे देश में कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से घट रहा है। सूत्र माडल ने 23 जनवरी को देश में कोरोना की तीसरी लहर के चरम पर आने की संभावना जताई थी, लेकिन आंकड़ों में बदलाव के कारण तीसरी लहर का चरम दो दिन बाद यानी कि 25 जनवरी को आया था। उन्होंने कहा कि नए माडल के अनुसार चरम स्थिति होने पर देश में रोजाना लगभग तीन लाख संक्रमित मामले सामने आए हैं। हालांकि पहले यह आंकड़ा सात लाख के आसपास महसूस किया गया था। 25 जनवरी के बाद से संक्रमित मामलों की संख्या में गिरावट हो रही है।

माडल के नए आकलन के मुताबिक फरवरी के अंत में केस काफी कम होंगे और मार्च में होली से पहले ही देश में हालात सामान्य हो सकते हैं। तब बामुश्किल संक्रमित मामलों की संख्या एक या दो हजार होगी। बता दें कि इससे पूर्व प्रो. अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश समेत अन्य सभी प्रदेशों के साथ ही दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता आदि शहरों में भी तीसरी लहर के चरम पर होने के समय का आकलन किया था। इस रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 19 जनवरी को कोरोना की तीसरी लहर चरम पर रही थी। अब प्रदेश में भी मामले कम हो रहे हैं।

Edited By: Abhishek Agnihotri