कानपुर, जेएनएन। राष्ट्र सिर्फ मेरा हक की अवधारणा से विकसित नहीं होता है। हमें बेहतर कल के लिए विचारों में मेरी जिम्मेदारी को भी जोडऩा होगा। इससे न सिर्फ राष्ट्र के प्रति प्रेम बढ़ेगा, बल्कि अपने कर्तव्यों की समझ भी आएगी। यह बात उत्तर प्रदेश के पंचायती राज्य मंत्री ने आइआइटी के प्रथम वर्ष के छात्र सिद्धार्थ गोविल के पूछे सवाल के जवाब में कही। वह बुधवार को संस्थान के ऑनलाइन व्याख्यान कार्यक्रम में जुड़े। उन्होंने सबसे पहले विभाग और सरकार की उपलब्धियां बताई।

गांवों में शौचालय निर्माण का डेटा प्रस्तुत किया। इसी बीच सिद्धार्थ गोविल ने उनसे पूछा कि हमें नागरिकों के अधिकारों के बारे में पढ़ाया जाता है, लेकिन हम नागरिकों के कर्तव्यों के बारे में कभी बात नहीं करते हैं। इसका मंत्री ने बखूबी जवाब दिया। कहा राष्ट्र और समाज के प्रति आज की दुनिया में नागरिकों को उनकी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है। नागरिकों के रूप में एक व्यक्ति के अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के बारे में अपनी मानसिकता बदलनी होगी।

कई अन्य छात्रों ने भी प्रश्न किए। सबसे पहले एनसीसी के ऑफिसर-इंचार्ज कर्नल अशोक मोर ने अतिथि वक्ता का स्वागत किया और बीटेक के प्रथम वर्ष के छात्रों को उनके बारे में परिचय दिया। भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा हम सभी कठिन समय का सामना कर रहे हैं। सरकार समय की जरूरत को पूरा करने के लिए भरसक प्रयास कर रही है। स्वच्छ भारत अभियान की परियोजना के तहत प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र में खुले में शौच के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।

दो करोड़ 50 लाख शौचालयों के निर्माण के लिए संसाधन उपलब्ध कराए। प्रदेश के 75 जिलों को खुले में शौच से मुक्त किया। मंत्री ने छात्रों को भारत में पंचायती राज के इतिहास और लोकतंत्र में पंचायत की भूमिका से संबंधित राज्य के नवीनतम विकास के बारे, ई-ग्राम स्वराज का डिजिटलीकरण, ग्राम प्रधान की भूमिका, गांवों में पंचायतों के लिए मिनी सचिवालय का निर्माण आदि से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि, आने वाले समय में 25 विभाग पंचायतों के अंतर्गत आएंगे और वर्तमान में नौ विभागों को शामिल किया गया है और अन्य को धीरे-धीरे किया जाएगा। 

Edited By: Akash Dwivedi