कानपुर, जेएनएन। राज्य परिवहन निगम के चेयरमैन और कानपुर के पूर्व मंडलायुक्त मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन की भाषा अब शहर के कई व्यापारी भी बोल रहे हैं। वर्ग विशेष से जुड़े यह व्यापारी बिल की पर्ची पर संदेश लिखकर अपने मत का प्रचार कर रहे हैं। एक मामला पकड़ में आने पर पुलिस आयुक्त ने जांच शुरू कराई है। लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआइयू) के माध्यम से ऐसे अन्य व्यापारियों का भी पता लगाया जा रहा है।  

जब आप दुकानदार से कोई सामान खरीदते हैं तो अमूमन महंगे सामान का बिल लेते हैं। बिल की इस पर्ची में प्रतिष्ठान, सामान का नाम और उसका मूल्य दर्ज होता है। मगर, अब इन बिल की पर्चियों में जिहादी भाषा भी लिखी जा रही। सूत्रों के मुताबिक, ऐसा कई दुकानदार व कारोबारी कर रहे हैं। फिलहाल, एक मामला प्रकाश में आया है। जागरण डॉट कॉम को एक बिल की पर्ची मिली है, जिस पर व्यापारिक प्रतिष्ठान के नाम के स्थान पर व्यापारी का मोबाइल नंबर दर्ज है। इसके बाद खरीदे गए सामान का ब्योरा है। सबसे नीचे बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा गया है "इस्लाम द ओनली साल्यूशन' यानी इस्लाम ही एकमात्र समाधान है। यही भाषा पूर्व मंडलायुक्त मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन की भी है।

यह पर्ची इंटरनेट मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है। पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जांच कराई जा रही है। संबंधित व्यक्ति की पहचान कर ली गई है। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एलआइयू को सतर्क कर ऐसा करने वाले अन्य लोगों का भी पता लगाया जा रहा है।  

पर्ची एक रबड़ दुकानदार के प्रतिष्ठान की, मोबाइल फोन बंद: पर्ची पर दर्ज मोबाइल नंबर पर काल की गई तो वह स्विच आफ मिला। बताया गया है कि पर्ची वायरल होने के बाद आरोपित ने मोबाइल फोन बंद कर दिया है। पता चला है कि यह पर्ची मेस्टन रोड के रबड़ दुकानदार के प्रतिष्ठान की है।  

Edited By: Shaswat Gupta