जागरण संवाददाता, कानपुर : मैं सीसामऊ नाला हूँ..। मैं पतितपावनी गंगा का सबसे बड़ा गुनहगार हूं फिर भी पूरे गुरूर से हर-हराकर बह रहा हूं। वर्ष 1892 यानी 126 साल से अनवरत गंगा में सीवर का जहर घोल रहा हूं। आबादी बढ़ने के साथ ही मेरा प्रवाह भी बढ़ता गया। अफसरों के रहमोकरम से अब मैं रोजाना 13.6 करोड़ लीटर सीवर का गंदा पानी बेरोक-टोक गंगा में उड़ेल रहा हूं।

अब मेरी सीवर धारा का प्रवाह किसी बड़ी नहर से कम नहीं है। विश्वबैंक के अध्यक्ष, तत्कालीन केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमाभारती, वर्तमान में केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मेरे प्रवाह को देखकर हैरान रह गए थे। कई तरह की उपमाएं भी दीं। उमाभारती ने मेरी वजह से गंगा में स्नान तो दूर की बात, जल के आचमन से इंकार कर दिया था। मुख्यमंत्री ने मुझे कलंक बताया था। सभी मुझे बंद करने के लिए आदेश दे गए थे, लेकिन मुझे बंद करने की सारी योजनाएं बस कागजों में चलती रहीं। पहली बार मुझे रोकने के लिए नमामि गंगे परियोजना में काम शुरू हुआ तो लगा कि मेरा गुरूर खत्म हो जाएगा लेकिन काम की रफ्तार धीमी ही रही। अभी मुझे बंद करने के लिए बकरमंडी और रिवर साइड पावर हाउस के पास काम चल रहा है लेकिन काम की सुस्त गति से तो लग रहा है कि मैं अभी बहुत समय तक गंगा मैली करता रहूंगा।

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मंत्री कर गए थे दावे

''सीसामऊ नाला अक्टूबर 2018 तक बंद हो जाएगा। दिसंबर में गंगा की तस्वीर बदली हुई नजर आएगी। - डॉ.सत्यपाल सिंह, केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री

''सीसामऊ नाला समेत बाकी छह नालों को हर हाल में समय पर बंद किया जाएगा। इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।- सुरेश खन्ना, नगर विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार।

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(ये खबरें अलग से लगेंगीं)

(हेडिंग) सीवर सफाई में फंसी बकरमंडी में नाला टैपिंग

क्रासर- अब 15 मई तक पूरा होना है काम लेकिन सुस्त रफ्तार से लक्ष्य पूरा होने पर संशय

बकरमंडी में नाला बंद करने का काम 31 मार्च तक पूरा होना था लेकिन वहां खोदाई में ब्रिटिश काल में पड़े सात नाले व पाइप बाधा बन गए। इन्हें मोड़ने के काम के लिए नाला बंद करने का समय 31 अप्रैल कर दिया गया। चमनगंज से गुजर रही साढ़े दो सौ मीटर चोक सीवर लाइन अब आड़े आ गई है। इसकी सफाई की वजह से काम फंस गया है। अब कंपनी को 15 मई तक बकरमंडी से नाला बंद करने का नोटिस दिया गया है। न बंद करने पर रोजाना डेढ़ लाख रुपये के हिसाब से दंड लगाया जाएगा। अभी तक 82 फीसद काम हो पाया है। काम की गति को देखते हुए नहीं लगता है समय पर काम पूरा हो पाएगा क्योंकि 15 मई आने में बस कुछ ही दिन शेष हैं। नाला बंद होने से आठ करोड़ लीटर पानी अब ट्रीट होकर पांडुनगर में गिरेगा।

वीआइपी रोड में सीवर लाइन की वजह से फंसा काम

रिवर साइड पावर हाउस के पास से सीसामऊ नाले का एक हिस्सा बंद किया जाना है, इसका काम अक्टूबर 2018 तक पूरा होना है। वीआइपी रोड पर खोदाई में कभी पुराना पाइप आड़े आ जाता है तो कभी सीवर लाइन। सोमवार को सीवर लाइन आड़े आ जाने के कारण जल निगम को काम रोकना पड़ा। यहां अभी तक 40 फीसद काम हो पाया है।

Posted By: Jagran

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