कानपुर, जेएनएन। कोरोना के संक्रमण को बढ़ते देख वित्त मंत्रालय ने जीएसटी के रिटर्न को आगे बढ़ाने की घोषणा की थी लेकिन सबकुछ जल्दी ठीक होने की उम्मीद में यह राहत बहुत कम दिनों की थी। ज्यादातर रिटर्न की तारीख 15 दिन बढ़ाई गई थी। अब कोरोना का संक्रमण लंबा खिंचने के कारण कफ्र्यू के चलते ज्यादातर कारोबारियों की दुकानें बंद हैं। वहीं टैक्स सलाहकार भी अपने ऑफिस आफिस बंद किए हुए हैं। इसलिए ये रिटर्न भरना आसान नहीं है। इन स्थितियों में टैक्स सलाहकार एक बार फिर सभी रिटर्न की तारीखों को और आगे तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए जीएसटी काउंसिल और वित्त मंत्री को पत्र भी भेजे जा रहे हैं।

टैक्स सलाहकार संतोष गुप्ता के मुताबिक अप्रैल माह में हुए कारोबार का जीएसटीआर 1 रिटर्न फाइल करने की तारीख 15 दिन के लिए बढ़ाई गई थी। वर्तमान में कोरोना की जो स्थिति है और जिस तरह से कफ्र्यू लगा हुआ है। उसमें बढ़ी हुई समय सीमा के बीच भी इस रिटर्न को फाइल करना आसान नहीं है। कारोबारियों की बिक्री का ज्यादातर रिकार्ड उनकी दुकानों में है। इसलिए रिटर्न फाइल करने के लिए वे अपनी सभी इनवाइस का डिटेल भी नहीं दे पाएंगे। इसलिए इस रिटर्न को 30 जून तक बढ़ाया जाए। इसके साथ ही मई में हुए कारोबार का जीएसटीआर 1 फार्म भरने की तारीख को जुलाई तक के लिए बढ़ाया जाए।

वहीं चार्टर्ड अकाउंटेंट दीप मिश्रा के मुताबिक समाधान योजना का रिटर्न फाइल करने वाले कारोबारियों के लिए वाॢषक रिटर्न की तारीख 31 मई तक बढ़ाई गई है। इसे कम से कम एक माह और बढ़ाना चाहिए। दूसरे व्यापारियों से जॉब वर्क कराने वाले व्यापारियों को जनवरी से मार्च 21 तक का तीन माह का रिटर्न फाइल करने के लिए 31 मई तक का समय दिया गया था। इसे भी 30 जून तक बढ़ाया जाए।