यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फर्रुखाबाद में सट्टे की सूचना पर मकान में छापा, चार बुकी गिरफ्तार, आरोपित बोला साहब हम तो दिहाड़ी पर हैं
सट्टे की सूचना पर एसओजी ने कमर खां के मकान में छापा मारा। घर से मुहल्ला किसानन नगला बढ़पुर निवासी ...और पढ़ें

फर्रुखाबाद, जागरण संवाददाता। शहर कोतवाली पुलिस ने सट्टे की सूचना पर सोमवार देर शाम मुहल्ले घेरशामू खां के एक मकान में छापा मारा। वहां से चार बुकी गिरफ्तार किए गए। सट्टा माफिया पुलिस के हाथ नहीं लगा। मौके से 98 हजार रुपये से अधिक नकदी, मोबाइल फोन, सट्टे की पर्चियां आदि बरामद हुई हैं। एफआइआर में गिरफ्तारी मकान के अंदर से दिखाई गई है, जहां सट्टे का कारोबार हो रहा था, लेकिन गृहस्वामी को पुलिस ने आरोपित नहीं बनाया। इसको लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
मदर इंडिया कोल्ड स्टोरेज मार्ग से इंडस्ट्रियल एरिया की ओर जाने वाली सड़क पर दो घरों में सट्टे का बड़ा धंधा लंबे समय से चलने की जानकारी पुलिस को दी गई थी। मुहल्ले वाले भी परेशान थे। माफिया ने देखते-देखते कई प्रापर्टी खरीदी हैं। पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कमर खां के मकान में छापा मारा। कमर खां नहीं मिले। घर से मुहल्ला किसानन नगला बढ़पुर निवासी बृजेश उर्फ धीरू यादव, मुहल्ला नितगंजा दक्षिण निवासी गणेश्वर वर्मा उर्फ टोनस, मोहल्ला घेरशामू खां निवासी इमरान व जसमई निवासी देवेंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया। दारोगा कामता प्रसाद ने जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया। एफआइआर में गिरफ्तारी के समय सीओ सिटी अजेय शर्मा की भी मौजूदगी दिखाई गई है। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि आइटीआइ चौकी प्रभारी को दबिश के लिए भेजा गया था। एसओजी टीम भी बुला ली गई। सट्टा घर के अंदर हो रहा था, इस कारण सीओ सिटी को भी बुला लिया गया। विवेचना हो रही है, कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।
बुकी बोला, हमें 300-200 रुपये मिलती दिहाड़ी: गिरफ्तार आरोपितों में गणेश्वर वर्मा उर्फ टोनस ने बताया कि वे लोग सट्टा माफिया के यहां नौकरी करते हैं। उसे 300 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं जबकि बृजेश, देवेंद्र व इमरान को दो-दो सौ रुपये। सट्टे का नंबर फंसने पर भुगतान भी कमर खां के घर से ही किया जाता है।
यहां भी सट्टे के ठिकाने: शहर में शायद ही कोई मुहल्ला ऐसा हो, जहां सट्टा बुक न किया जाता हो। सट्टा माफिया के एजेंट गली-मुहल्लों में घूमते हैं। एक सट्टा माफिया को वर्मा तो दूसरे को खटकपुरा वाले खां साहब के नाम से जाना जाता है। उधर, बजरिया सालिगराम के वर्मा सट्टा वाला भी चर्चित नाम है। बजरिया पुलिस चौकी के निकट, बजरिया जाफर खां, बड़ा खेल, भीकमपुरा, दाऊद खां, बीबीगंज, खटकपुरा सिद्दीकी, मनिहारी, नाला मछरट्टा, बूरावाली गली, खतराना, गढ़ी कोहना फाटक आदि में काउंटर लगाकर खुलेआम सट्टा बुक किया जाता है।
