कानपुर, जेएनएन। चर्चित पिंटू सेंगर हत्याकांड में मुख्य आरोपित महफूज अख्तर को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। इस प्रकरण में मददगार की भूमिका में आए एक दूसरे आरोपित की जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने यह कहते हुए नामंजूर कर दिया कि हत्या बेहद सनसनीखेज तरीके से की गई थी। ऐसी हत्या के आरोपित को जमानत नहीं दी जा सकती। दूसरी ओर पीडि़त पक्ष ने महफूज को जमानत मिलने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। पीडि़त परिवार शनिवार को पुलिस आयुक्त से भी मिला और धमकियां मिलने की शिकायत की।

पिंटू सेंगर की पिछले साल 19 जून को चकेरी क्षेत्र में गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 14 आरोपित जेल में है और एक आरोपित की जेल में मृत्यु हो चुकी है। पिंटू सेंगर के भाई धमेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि हत्याकांड में नामजद और मुख्य अभियुक्त रहे महफूज अख्तर को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। धमेंद्र के मुताबिक आरोपित पक्ष ने अदालत में गलत तथ्यों को रखकर जमानत ली है, इसके खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। पहले एक और आरोपित श्याम सुशील मिश्रा की जमानत भी हाईकोर्ट से हो गई थी, जिसमें आरोपित की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई हुई है। धमेंद्र ने बताया कि जहां नामजद और मुख्य आरोपित को जमानत मिल गई, वहीं जिस अनीश की स्कार्पियो से रेकी हुई थी, उसकी जमानत याचिका हाईकोर्ट ने ठ़ुकरा दी है।

हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने माना है कि जिस तरह से 19 गोलियां मारकर हत्या की घटना को अंजाम दिया गया, ऐसी घटना के अभियुक्त को जमानत नहीं दी जा सकती। इन सबके बीच धमेंद्र सिंह शनिवार को अपने वकील संदीप शुक्ला के साथ पुलिस आयुक्त असीम अरुण से मिले। उन्होंने बताया कि आरोपित पक्ष की ओर से दोनों को धमकियां दी जा रही हैं। पूरे गैंग शातिर है। उन्होंने सभी आरोपितों को प्रदेश की दूसरी जेलों में स्थानांतरित किए जाने और सुरक्षा दिलाए जाने की मांग की।

Edited By: Abhishek Agnihotri